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Waqf Bill: 'यह बिल पास हुआ तो हमारी मस्जिदें-कब्रिस्तान छिन जाएंगे, बच्चा-बच्चा दे अपनी राय'; जानें वायरल वीडियो पर JPC मेंबर ने क्या कहा?

Waqf Amendment Bill: वक्फ विधेयक-2024 के खिलाफ वायरल एक वीडियो में दावा किया जा रहा है कि अगर यह बिल पास हो गया तो मुसलमानों की मस्जिदें छिन जाएंगी। जिसके बाद संयुक्त संसदीय समिति के सदस्य एवं भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने इस वायरल वीडियों पर अपनी चिंता जताते हुए कही ये बातें...

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वक्फ बिल के खिलाफ वीडियो में किया जा रहा प्रचार।

Photo : Twitter

Waqf Bill: वक्फ (संशोधन) विधेयक पर संसद की संयुक्त समिति बनने के बाद समिति के अंदर लगातार टकराव हो रहे हैं। कई सरकारी निकायों ने वक्फ बोर्डों पर उनकी संपत्तियों पर कब्जा रखने के आरोप लगाये हैं। वहीं, वक्फ बोर्ड की तरफ से भी आरोप लगाए गए हैं कि उनकी कई संपत्तियां सरकारी निकायों के अनाधिकृत कब्जे में हैं। इस बीच संसद की संयुक्त समिति ने हितधारकों, विशेषज्ञों और अन्य संस्थानों से प्रस्तावित कानून पर सुझाव मांगे हैं।

वीडियो सोशल मीडिया पर हो रहा वायरल

संसद की संयुक्त समिति के सुझाव मांगने के बाद दिल्ली से एक वीडियो सामने आया है, जिसमें कुछ युवक हाथ में माइक लेकर लोगों से सुझाव देने की अपील कर रहे हैं। वीडियो में इन युवकों को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि अगर यह कानून आया तो आपसे आपकी मस्जिदें, ईदगाह और कब्रिस्तान छीन लिए जाएंगे। इस वीडियो को लेकर प्रशासनस वक्फ बोर्ड या किसी अन्य संगठन की तरफ से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

तेजी से वायरल हो रहे वीडियो पर गोड्डा से भाजपा सांसद और संयुक्त समिति के सदस्य निशिकांत दुबे ने भी प्रतिक्रिया दी है। निशिकांत दुबे ने कहा कि वीडियो को मन विचलित करने वाला बताते हुए कहा कि वक्फ संशोधन विधेयक संसद की संयुक्त समिति के पास विचाराधीन है। मैं खुद इसका सदस्य हूं, यह वीडियो देखकर मन विचलित है। पूरे बिल को कम से कम 100 बार पढ़ चुका, इस बिल की कौन सी धारा में मस्जिद, कब्रिस्तान, दरगाह, मदरसा पर सरकार कब्जा करने का कानून ला रही है?' उन्होंने आगे कहा कि झूठ की बुनियाद,वोट बैंक की राजनीति और मोदी विरोध की अंधी राजनीति ने देश के एक वर्ग विशेष के मन में लगातार नफरत पैदा करने की कोशिश की है। काश वक्फ जिसकी बुनियाद पैगंबर मोहम्मद साहब ने गरीबों के लिए रखी, वक्फ की पहली कमिटी गैर मुस्लिम ने बनाई, उनके आदेश पर मुस्लिम समाज गरीब मुसलमानों के हित में सोचकर कमिटी को बताता।

जानें क्या है पूरा मामला?

केंद्र सरकार ने वक्फ बोर्ड की संपत्तियों का सही रखरखाव और इससे जुड़े विवादों को कम करने के लिए वक्फ बोर्ड संसोधन कानून लाने का फैसला किया है। माना जा रहा है कि यह कानून आने के बाद वक्फ बोर्ड की शक्तियां कम कर दी जाएंगी। इसी वजह से कुछ मुस्लिम नेताओं ने ऐसा कहा है कि यह कानून उनकी मस्जिदें और कब्रिस्तान छीनने के लिए लाया गया है। फिलहाल संसद की संयुक्त समिति इस कानून पर चर्चा कर रही है। लोगों से इस पर सुझाव मांगे गए हैं। संयुक्त समिति के सुझाव के बाद ही यह अधिनियम संसद में पेश होगा और चर्चा के बाद कानूनी का रूप लेगा।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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