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देश में बढ़ रहे कुपोषण पर विश्वगुरु को जवाब देना चाहिए, कर्नाटक सीएम सिद्धारमैया ने पीएम मोदी पर कसा तंज

  • Authored by: रामानुज सिंह
  • Updated Nov 22, 2023, 10:32 PM IST

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में कुपोषण बढ़ रहे हैं, विश्वगुरु को जवाब देना चाहिए।

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कर्नाटक सीएम सिद्धारमैया

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने देश में कुपोषण पर चिंता व्यक्त की और कहा कि यह गुजरात और भारत में बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि खुद को विश्वगुरु बताने वाले प्रधानमंत्री मोदी को जवाब देना चाहिए कि ऐसा क्यों हुआ। वह कर्नाटक के बेंगलुरु में राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रम, एनीमिया मुक्त पौष्टिका कर्नाटक कार्यक्रम का उद्घाटन करने के बाद बोल रहे थे। सीएम सिद्धारमैया ने कहा कि जिन लोगों ने एक मॉडल के रूप में गुजरात की प्रशंसा की है, उन्हें जवाब देना चाहिए कि गुजरात कुपोषण सूचकांक में क्यों बढ़ रहा है।

सीएम ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य और परिवार सर्वे 4 और 5 में दिए गए आंकड़ों की तुलना करने को कहा और चुटकी ली कि क्या गुजरात में यह स्थिति एक मॉडल बन सकती है? कर्नाटक के सीएम ने कहा कि गरीबी और अशिक्षा को खत्म किए बिना सभी को अच्छा स्वास्थ्य नहीं मिलेगा। इसलिए इन बीमारियों का इलाज करना हमारी सरकार की पहली प्राथमिकता है। हमारी सरकार का लक्ष्य हर किसी के दरवाजे तक स्वास्थ्य लाभ पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि सरकार आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराने को तैयार है।

सीएम ने महिला एवं बाल कल्याण मंत्री लक्ष्मी हेब्बालकर और स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडुराव से सरकार के उद्देश्य को पूरा करने और हमारे राज्य में बच्चों और सभी को स्वस्थ रखने के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया। कार्यक्रम का आयोजन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा ज्ञानज्योति हॉल में किया गया। स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडुराव, महिला एवं बाल कल्याण मंत्री लक्ष्मी हेब्बलकर और शहरी विकास मंत्री बैराथी सुरेश, मुख्यमंत्री के कानूनी सलाहकार पोन्नन्ना सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार कुपोषण का तात्पर्य पोषक तत्वों के सेवन में कमी या अधिकता आवश्यक पोषक तत्वों का असंतुलन या बिगड़ा हुआ पोषक तत्व उपयोग है। दुनिया भर में लगभग 1.9 बिलियन वयस्क अधिक वजन वाले हैं, जबकि 462 मिलियन कम वजन वाले हैं। कुपोषण संसाधनों की कमी सहित कई कारकों से उत्पन्न होता है क्योंकि दुनिया भर में कई परिवार पर्याप्त पौष्टिक भोजन नहीं खरीद सकते हैं।

रामानुज सिंह
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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