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विष्णु देव साय होंगे छत्तीसगढ़ के नए मुख्यमंत्री, विधायक दल की बैठक में हुआ फैसला

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Dec 10, 2023, 03:57 PM IST

Chhattisgarh New CM: भाजपा विधायक दल की बैठक में छत्तीसगढ़ के नए मुख्यमंत्री के रूप में विष्णु देव साय के नाम पर मुहर लग गई है। आदिवासी समाज से आने वाले साय को केंद्रीय नेतृत्व के साथ ही पूर्व सीएम रमन सिंह का भी करीबी माना जाता है।

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विष्णु देव साय बने छत्तीसगढ़ के नए मुख्यमंत्री

Photo : Twitter

Chhattisgarh New CM: छत्तीसगढ़ के नए मुख्यमंत्री का ऐलान हो गया है। विष्णु देव साय को सूबे का नया मुख्यमंत्री बनाया गया है। यह फैसला आज भाजपा विधायक दल की बैठक में लिया गया। विष्णु देव साय आदिवासी समाज से आते हैं और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भी रहे हैं।

आदिवासी समाज से आने वाले विष्णुदेव साय ने कुनकुरी विधानसभा से जीत दर्ज की थी। वहींं, उन्हें केंद्रीय नेतृत्व के साथ ही साथ पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह का भी करीबी माना जाता है। साय साल 1999 से 2014 तक रायगढ़ से सांसद रहे हैं और मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में उन्हें केंद्र में मंत्री बनाया गया था, जिसके बाद इन्होंने संगठन पद से इस्तीफ़ा दे दिया था।

अमित शाह ने दिए थे संकेत

बता दें, विष्णुदेव साय को मुख्यमंत्री बनाने के संकेत अमित शाह ने पहले ही दिए थे। साय के लिए भी कुनकुरी में चुनाव प्रचार के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि विष्णुदेव साय हमारे कार्यकर्ता रहे, सासंद हैं और प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं। आप इनको विधायक बना दो। बाद में बड़ा आदमी बनाने का काम हम करेंगे।

अजित जोगी के बाद आदिवासी समुदाय से दूसरा सीएम

छत्तीसगढ़ में सबसे बड़ी आबादी आदिवासी समुदाय की है, लेकिन अजित जोगी के बाद कोई दूसरा मुख्यमंत्री नहीं बन सका है। हालांकि, विष्णुदेव साय इस समाज से आने वाले दूसरे मुख्यमंत्री होंगे। बता दें, राज्य में आदिवासी समुदाय की हिस्सेदारी 32 फीसदी है और भाजपा ने इस समुदाय के लिए आरक्षित सीटों पर बड़ी जीत हासिल की है। विधानसभा चुनावों में 29 सीटों में से 17 सीटें इस बार भाजपा के खाते में गई हैं। जबकि 2018 में भाजपा ने केवल तीन सीटों पर जीत हासिल की थी।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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