Violence In Bengal Panchayat Elections: पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव की वोटिंग से पहले हिंसा का दौर जारी है। मालदा जिले के सुजापुर में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के एक नेता और पार्टी की एक पूर्व पंचायत सदस्य के पति की शनिवार को दिनदहाड़े हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान मुस्तफा शेख के रूप में हुई है। टीएमसी ने हत्याकांड को अंजाम देने का आरोप कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर लगाया है। हत्या के विरोध में टीएमसी के कार्यकर्ताओं ने शेख के शव के साथ राष्ट्रीय राजमार्ग 34 को जाम कर दिया। मालदा जिले से पश्चिम बंगाल की कैबिनेट मंत्री सबीना यास्मीन ने बाद में घटनास्थल का दौरा किया। राज्य चुनाव आयोग ने घटना को लेकर मालदा के जिलाधिकारी और जिला पुलिस अधीक्षक से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
यह एक राजनीतिक हत्या है
यास्मीन ने मीडियाकर्मियों को बताया कि शनिवार दोपहर जब शेख नमाज के बाद घर लौट रहे थे,तब कांग्रेस से जुड़े लोगों के एक समूह ने उन पर हमला किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय निवासियों ने हत्यारों की पहचान कर ली है। पुलिस को उन्हें तुरंत गिरफ्तार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह एक राजनीतिक हत्या है। जो लोग जमीनी स्तर से टीएमसी को खत्म करना चाहते हैं उन्हें टिकट नहीं दिया गया। वे कांग्रेस में शामिल हो गए और उन्हें टिकट मिल गया। इसके बाद उन्होंने उपद्रव करना शुरू कर दिया और इलाके में आतंक फैलाना शुरू कर दिया। आज उन्होंने पूर्व प्रधान मुस्तफा शेख की हत्या कर दी। प्रशासन और चुनाव आयोग को शिकायत की जा चुकी है।
हिंसा भड़कती हैं ममता बनर्जी
बीजेपी पश्चिम बंगाल सचिव प्रियंका टिबरेवाल ने कहा कि मेरा मानना है कि ममता बनर्जी को हिंसा भड़काने के लिए तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए। पिछले चुनावों के दौरान हमने यही देखा। उन्होंने हिंसा भड़काई और लोगों को उकसाया जब सीआईएसएफ आए तब कहा कि आपको (लोगों को) उन पर हमला करने की जरुरत है। फिर हिंसा हुई। एक बार फिर वही हुआ जो उसने कल दोहराया था।
चुनावी हिंसा में अब तक 7 लोगों की हत्या
कांग्रेस ने हालांकि आरोपों से इनकार किया और दावा किया कि यह हत्या क्षेत्र में सत्तारूढ़ पार्टी में अंदरूनी कलह का परिणाम थी। राज्य चुनाव आयोग द्वारा 8 जून को पंचायत चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद से चुनाव संबंधी हिंसा के संबंध में यह 7वीं हत्या है। मतदान 8 जुलाई को होना है। वोटों की गिनती 11 जुलाई को होगी।
