योगी के मंत्री के बोल- 'मुस्लिम महिलाएं बुर्का पहनती हैं क्योंकि वो शूपर्णखा की वंशज हैं'

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 10, 2020, 08:24 AM IST

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में मंत्री रघुराज सिंह ने बुर्का पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि जो बुर्का पहनते हैं वे दानव के वंशज हैं। बुर्का पहनकर आतंकवादी हमारे देश में घुस जाते हैं।

नई दिल्ली: जबसे नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ देश के कई हिस्सों में विरोध-प्रदर्शन हुए हैं, तब से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के किसी ना किसी नेता की जुबान से कोई ना कोई ऐसा बयान निकल रहा है, जिसे विवादित या आपत्तिजनक कह सकते हैं। इसी क्रम में नया नाम उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री रघुराज सिंह का जुड़ा है। रघुराज सिंह ने कहा है कि मुस्लिम महिलाएं बुर्का पहनती हैं क्योंकि वे रावण की बहन, शूपर्णखा की वंशज हैं। भारत में बुर्का पर प्रतिबंध लगाने की मांग करते हुए सिंह ने आगे कहा कि इसका इस्तेमाल आतंकवादियों द्वारा किया जाता है।

सिंह ने कहा, 'बुर्का की व्यवस्था अरब से आई है। वे अपना चेहरा छिपाते हैं क्योंकि भगवान लक्ष्मण ने उनके कान और नाक काट दिए थे। वे बुर्का पहनते हैं क्योंकि वे दानव के वंशज हैं। केवल राक्षसों के वंशज ही बुर्का पहन सकते हैं। कोई भी सामान्य व्यक्ति बुर्का नहीं पहन सकता। मैं देश की सरकार से भी बुर्का पर प्रतिबंध लगाने की अपील करूंगा क्योंकि बुर्का पहनकर आतंकवादी हमारे देश में घुस जाते हैं। इसलिए, मेरे साथी नागरिकों हमें एकजुट होना होगा क्योंकि इन गुंडों को खत्म करना आवश्यक है।'

हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, लक्ष्मण ने शूपर्णखा की नाक और कान काट दिए थे।

यह पहली बार नहीं है जब रघुराज सिंह ने कोई विवादास्पद बयान दिया हो। 13 जनवरी की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि सिंह ने उन लोगों को जिंदा दफनाने की कसम खाई थी, जिन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ नारे लगाए थे। अलीगढ़ में CAA के समर्थन में रैली को संबोधित करते हुए सिंह ने धमकी दी थी, 'यदि आप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ नारे लगाते हैं, तो मैं तुम्हें जिंदा दफना दूंगा।'

उन्होंने भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर भी निशाना साधा था और कहा था, 'नेहरू की जाति क्या थी? उनका 'खानदान' नहीं था।'

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