सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के मौके पर 31 अक्टूबर को गुजरात के केवड़िया स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी परिसर में राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह आयोजित किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस बार समारोह में नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में मिली सफलता और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आए बदलावों को विशेष तौर पर दिखाया जाएगा।
समारोह में नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) के 2,000 से ज्यादा कलाकार खास नाट्य प्रस्तुति देंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘आनंद मठ’ पर आधारित नाटक भी देखेंगे। इस प्रस्तुति के माध्यम से नक्सल प्रभावित इलाकों की कहानियों, वहां की चुनौतियों और समय के साथ आए बदलावों को दिखाया जाएगा।
पहली बार शाम को होगी मुख्य परेड
इस साल राष्ट्रीय एकता दिवस की मुख्य परेड पहली बार सुबह के बजाय शाम को होने वाली है। इसमें केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और राज्य पुलिस की टुकड़ियां हिस्सा लेंगी। इसके अलावा 14 राज्यों की पुलिस की बाइकर्स टीम भी परेड में शामिल होगी। NCC कैडेट्स और अलग-अलग राज्यों के कलाकार सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश करेंगे। समारोह में नक्सलवाद के खात्मे और प्रभावित इलाकों में हुए बदलावों पर आधारित एक विशेष शॉर्ट फिल्म भी दिखाई जाएगी। इसके लिए नक्सल प्रभावित इलाकों के लोगों सहित देशभर से करीब 5,000 लोगों को आमंत्रित किया गया है।
‘वंदे मातरम’ के 150 साल पर भी विशेष कार्यक्रम
राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर भी विशेष कार्यक्रम होंगे। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में चुनी गईं 15 झांकियां दिखाई जाएंगी। इन झांकियों को आम नागरिकों ने तैयार किया है और इनमें ‘वंदे मातरम’ की विरासत को दिखाया जाएगा।
गुजरात में ‘एकता प्रकाश पर्व-2026’ के जरिए भी राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया जाएगा। देशभर में ‘रन फॉर यूनिटी’ आयोजित कर आम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने की तैयारी है। इस पूरे आयोजन में करीब 25,000 लोगों के शामिल होने की संभावना है। समारोह का मकसद राष्ट्रीय एकता, आंतरिक सुरक्षा, सांस्कृतिक विरासत और नागरिक भागीदारी को बढ़ावा देना है। साथ ही, केवड़िया को एक बड़े पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना पर भी काम किया जा रहा है।
