मेरी गिरफ्तारी से यदि शांति स्थापित होने मे मदद मिलती है तो इसके लिए तैयार हूं: हेमंत बिस्व सरमा

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 2, 2021, 09:21 AM IST

असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्व सरमा ने मिजोरम के सांसद के खिलाफ दर्ज एफआईआर को वापस लेने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि यदि मेरी गिरफ्तारी से शांति स्थापित करने में सहायता मिलती है में इसके लिए तैयार हूं।

गुवाहाटी/आइजोल: असम और मिजोरम के पुलिस बलों के बीच हिंसक झड़प के बाद दोनों राज्यों के बीच बने तनावपूर्ण हालात धीरे धीरे सामान्य हो रहे हैं। इस गोलीबारी में सात लोगों की मौत हुई थी जबकि और कई अन्य लोग घायल हुए थे। घटना के बाद मिजोरम पुलिस ने असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। एफआईआर दर्ज होने के 6 दिन बाद असम के मुख्यमंत्री सरमा ने रविवार को कहा कि अगर मिजोरम पुलिस द्वारा उनकी गिरफ्तारी दोनों राज्यों के बीच शांति स्थापित करने में मददगार साबित होती है तो वह इसके लिए तैयार हैं। सरमा ने वार्ता के जरिए एक समाधान निकालने का समर्थन किया। सरमा ने कहा कि मिजोरम पुलिस के किसी समन से बचने के लिए वह जमानत नहीं मांगेंगे।

इस बीच भाजपा आज असम और मिजोरम के बीच चल रहे तनाव को लेकर संसद में चर्चा करेगी। BJP सूत्रों के मुताबिक आज बीजेपी सांसद असम मिजोरम विवाद को सुलझाने के लिए आयोग बनाने की मांग कर सकते है। नियम 377 के तहत यह मुद्दा उठाने की तैयारी है, कोशिश की जा रही है कि विवाद और ना बढ़े और राज्यों के बीच उत्पन्न इस तनाव का तुरंत समाधान निकाला जा सके। 

सरमा बोले- करूंगा पदयात्रा
असम के मुख्यमंत्री ने कहा, 'अगर मुझे समन मिलता है तो मैं सिलचर से वैरंगते (वो शहर जहां से असम के अधिकारियों के खिलाफ समन जारी हुआ) की पदयात्राा करूंगा और जांच में शामिल होऊंगा। अगर वे (मिजोरम पुलिस) मुझे गिरफ्तार करते हैं और इससे शांति स्थापित होने में मदद मिलती है तो इसके लिए तैयार हूं। मैं गुवाहाटी उच्च न्यायालय से जमानत का अनुरोध नहीं करूंगा।' मिजोरम पुलिस ने झड़प को लेकर असम के छह अधिकारियों के खिलाफ विभिन्न आरोपों के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की है। सरमा ने हालांकि कहा कि वह अधिकारियों की रक्षा करेंगे और ‘असम में हुई एक घटना के लिए मिजोरम पुलिस द्वारा उनकी जांच करने की अनुमति नहीं देंगे।’

सांसद के खिलाफ केस वापस
इस बीच असम के सीएम हेमंत बिस्वा सरमा ने ट्वीट करते हुए कहा, 'मैंने माननीय मुख्यमंत्री द्वारा मीडिया में दिए गए बयानों को नोट किया है
 जिसमें मिजोरम के सीएम ने सीमा विवाद को सौहार्दपूर्ण ढंग से निपटाने की इच्छा व्यक्त की है। असम हमेशा पूर्वोत्तर की भावना को कायम रखना चाहता है। हम अपनी सीमाओं पर शांति सुनिश्चित करने के लिए भी प्रतिबद्ध हैं। मैंने असम पुलिस को मिजोरम के राज्यसभा सांसद के वनलालवेना के खिलाफ प्राथमिकी वापस लेने का निर्देश दिया है। हालांकि, अन्य आरोपी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामलों को आगे बढ़ाया जाएगा।' 

वहीं, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के साथ रविवार को बातचीत के बाद मिजोरम के मुख्यमंत्री जोरामथंगा ने कहा कि फोन कॉल के दौरान फैसला किया गया कि सीमा विवाद का सौहार्दपूर्ण तरीके से सार्थक संवाद के जरिये समाधान किया जाए।उन्होंने ट्वीट किया, ‘फोन पर केंद्रीय गृहमंत्री और असम के मुख्यमंत्री से हुई बात के मुताबिक, हम मिजोरम-असम सीमा विवाद को सौहार्दपूर्ण माहौल में सार्थक वार्ता के जरिये सुलझाने पर सहमत हुए हैं।’ 

(एजेंसी इनपुट्स के साथ)

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