EXCLUSIVE: हिंसा के लिए ममता बनर्जी ने BJP को ठहराया जिम्मेदार, कहा- दिखाए गए फेक वीडियोज

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated May 5, 2021, 05:35 PM IST

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हिंसा के लिए बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने जो वीडियो दिखाए हैं वो नकली हैं। बीजेपी हार को नहीं पचा पाई है।

ममता बनर्जी ने तीसरी बार पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण कर ली है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने विधानसभा चुनावों में बड़ी जीत हासिल की है। हालांकि इसके बाद राज्य में कई जगह हिंसा हुई है, जिसे लेकर टीएमसी और ममता बनर्जी पर सवाल खड़े हुए हैं। ममता बनर्जी ने TIMES NOW से एक्सक्लूसिव बातचीत की है और अपना पक्ष रखा है। उन्होंने हिंसा के लिए बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया। बनर्जी ने कहा कि भाजपा सांप्रदायिक प्रदूषण पैदा करती है।

उन्होंने कहा कि भाजपा द्वारा दिखाए गए वीडियो नकली हैं, जिनके द्वारा लोगों को गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने बीजेपी को चुनावों में मदद की। कोविड फैलाने के लिए बीजेपी नेता बंगाल आए। मतदान के बाद पिछले दिनों हुई मौतों की संख्या पर प्रकाश डालते हुए ममता ने कहा कि यह टीएमसी के लोग हैं जो मारे गए हैं और भाजपा के नहीं। वह मानती हैं कि नफरत और हिंसा फैलाना भाजपा का एजेंडा है और वे हार स्वीकार नहीं कर रहे। 

ममता ने कहा, 'बीजेपी हार का सामना करने में असमर्थ है। ये (कथित हिंसा) भाजपा की फर्जी खबर है। बंगाल में हिंसा के लिए भाजपा जिम्मेदार है। यह उनका एजेंडा है। वे हार को पचा नहीं सकते। हमें मानवता की रक्षा करनी है और इसके लिए मैंने अपने सभी नए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। बीजेपी द्वारा दिखाए गए 99% वीडियो (बंगाल में कथित हिंसा पर) नकली हैं।' 

अपने कामकाज को लेकर ममता बनर्जी ने कहा कि राज्य में कोविड की स्थिति को संभालना मेरी पहली प्राथमिकता है। वे (केंद्र) हमें वैक्सीन नहीं दे रहे हैं। हम इसके लिए भुगतान कर रहे हैं। PM-CARES फंड का क्या हुआ? बंगाल पर कब्जा करने के लिए भारत सरकार बहुत व्यस्त थी। लेकिन, वे अपनी अक्षमता के कारण कोविड को रोकने के इच्छुक नहीं थे। मैं लोगों के लिए कोविड राहत चाहती हूं। सबसे पहले हमें कोविड से लड़ना है। बंगाल में बीजेपी की हार और टीएमसी की जीत पर ममता ने कहा कि बंगाल ने भारत के लोकतंत्र को बचाया है।

End of Article