Sant Vijay Das की मौत को लेकर कांग्रेस विधायकों का अपनी ही सरकार से सवाल, MLA वाजिब अली बोले- प्रशासन से हुई चूक

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 24, 2022, 12:05 PM IST

ग्रेस विधायक वाजिब अली और भरत सिंह प्रशासन और गहलोत सरकार के खिलाफ सवाल उठाया है। कांग्रेस विधायक वाजिब अली ने कहा है संत के मौत के मामले में प्रशासन से चूक हुई है

Rajasthan में अवैध खनन मामले में Sant Vijay Das ने आत्मदाह कर लिया था जिसके बाद इलाज के दौरान उनका देहांत हो गया, अब Congress के विधायकों ने अपनी ही पार्टी की सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। MLA Wajib Ali ने संत की मृत्यु को प्रशासन की चूक बताया और कहा कि प्रशासन को संत विजय दास से बात करनी चाहिए थी। तो वहीं MLA Bharat Singh ने CM Gehlot को चिट्ठी लिख कर आरोप लगाया कि खनिज मंत्री ही राज्य के सबसे बड़े खनन माफिया हैं और उन्हें मंत्री पद से बर्खास्त किया जाना चाहिए।  

आज घटनास्थल पर बीजेपी टीम का दौरा

भरतपुर में अवैध खनन के खिलाफ आत्मदाह करने वाले संत विजय दास के निधन के राजस्थान का सियासत गर्मा गई है..बीजेपी ने इस मौत का जिम्मेदार गहलोत सरकार को ठहराया है। बीजेपी की केंद्रीय टीम आज इसे लेकर घटना स्थल का दौरा करने वाली है..बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने चार सदस्यीय टीम का गठन किया है जो आज भरतपुर में घटनास्थल और संत की मौत की वजहों की जानकारी इकट्ठा कर जेपी नड्डा को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। बीजेपी  टीम जो आज दौरा करने वाली है उस टीम में बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह, यूपी बागपत से सांसद सत्यपाल सिंह, राजस्थान सीकर से सांसद स्वामी सुमेधानन्द और बीजेपी राज्यसभा सांसद बृजलाल शामिल हैं।

बीजेपी के निशाने पर गहलोत सरकार

संत विजय दास की मौत के बाद गहलोत सरकार बीजेपी के निशाने पर है तो पार्टी ने सीबीआई से जांच कराने और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है। उधर, राजस्थान में कांग्रेस के विधायक ने ही अपने खनन मंत्री के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस विधायक भरत सिंह ने अशोक गहलोत को चिट्ठी लिख कर कहा है कि अवैध खनन शासन के संरक्षण के बिना अंसभव है और खनन मंत्री ही सबसे बड़ा खनन माफिया हैं। कांग्रेस विधायक का आरोप है कि खनन मंत्री का खनन में रिकॉर्ड कायम और बारां में छांट-छांट कर भ्रष्ट अफसरों की नियुक्ति की गई और उन्होंने जंगल,जमीन में अवैध खनन करा भ्रष्टाचार किया।

End of Article