केंद्र सरकार ने VB-G RAM G अधिनियम, 2025 के तहत शिकायत निवारण के लिए नियम अधिसूचित किए हैं। इन नियमों के अनुसार,ग्रामीण रोजगार योजना के क्रियान्वयन से जुड़ी शिकायतों का समाधान 15 दिनों के भीतर किया जाना अनिवार्य है। यदि तय समय-सीमा के भीतर शिकायत का समाधान नहीं होता है, तो उसे उच्च स्तर पर भेजा (escalate किया) जाएगा।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा सोमवार को जारी एक बयान के अनुसार, 'विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) शिकायत निवारण नियम, 2026' के तहत राज्य सरकारों को ग्राम पंचायत, ब्लॉक और जिला स्तर पर तीन-स्तरीय व्यवस्था स्थापित करनी होगी।
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इन नियमों के तहत, हर स्तर पर शिकायत निवारण अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे, जो शिकायतों को प्राप्त करेंगे, उनका पंजीकरण करेंगे, उनकी जांच करेंगे और उनका निपटारा करेंगे।मंत्रालय के अनुसार, शिकायतें व्यक्तिगत रूप से, स्पीड पोस्ट के जरिए, एक निर्धारित डिजिटल प्लेटफॉर्म पर, टेलीफोन हेल्पलाइन के माध्यम से या राज्य सरकारों द्वारा तय किए गए किसी अन्य तरीके से दर्ज कराई जा सकती हैं।
तो अगले कार्य दिवस तक निर्धारित डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज करना होगा
बयान में कहा गया है कि किसी भी शिकायत को उसके प्रारूप, भाषा, जमा करने के तरीके या किसी प्रक्रियात्मक कमी के आधार पर पंजीकृत करने से मना नहीं किया जा सकता है। ग्राम पंचायत, ब्लॉक या जिला स्तर पर भौतिक रूप से (ऑफलाइन) प्राप्त सभी शिकायतों को उसी दिन या यदि ऐसा संभव न हो, तो अगले कार्य दिवस तक निर्धारित डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज करना होगा।
शिकायतकर्ता को Acknowledgement मिलेगी
शिकायतकर्ता को एक पावती (acknowledgement) मिलेगी, जिसमें पंजीकरण संख्या, प्राप्ति की तारीख और शिकायत प्राप्त करने वाले अधिकारी का पद दर्ज होगा।नियमों के अनुसार, शिकायत मिलने के सात कार्य दिवसों के भीतर उसकी जांच पूरी हो जानी चाहिए, और 15 दिनों के भीतर शिकायत का समाधान हो जाना चाहिए। नियुक्त अधिकारी संबंधित प्राधिकरणों से जरूरी रिकॉर्ड, दस्तावेज, रिपोर्ट और इलेक्ट्रॉनिक डेटा मांग सकता है। साथ ही, जहां आवश्यक हो, वह शिकायतकर्ता को अपनी बात रखने का मौका भी देगा-चाहे व्यक्तिगत रूप से या इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से।
ऐसे मामलों की निगरानी तब तक इलेक्ट्रॉनिक रूप से की जाती रहेगी
जो शिकायतें 15 दिनों के भीतर हल नहीं होंगी, उन्हें राज्य सरकार द्वारा स्थापित व्यवस्था के तहत अगले उच्च स्तर पर भेज दिया जाएगा। ऐसे मामलों की निगरानी तब तक इलेक्ट्रॉनिक रूप से की जाती रहेगी, जब तक कि उनका निपटारा न हो जाए। एक जिला कार्यक्रम समन्वयक, जिला स्तर पर शिकायतों के निवारण की देखरेख करेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि शिकायतों का समाधान निर्धारित प्रक्रिया और डिजिटल बुनियादी ढांचे के माध्यम से किया जाए।
ताकि योजना से जुड़ी नागरिकों की चिंताओं पर समय रहते ध्यान दिया जा सके
इन नियमों में 'विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM G) अधिनियम, 2025' की अनुसूची-I के अनुसार, शिकायत निवारण तंत्र के तहत पारित आदेशों के खिलाफ अपील करने का प्रावधान भी है।यह अधिनियम केंद्र सरकार के ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्यक्रम के लिए एक कानूनी ढांचा प्रदान करता है। नए नियमों में इस कार्यक्रम के कार्यान्वयन से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए एक संस्थागत और प्रक्रियात्मक ढांचा तय किया गया है, जिसमें अनिवार्य पंजीकरण, समयबद्ध जांच और डिजिटल ट्रैकिंग शामिल हैं। मंत्रालय ने कहा कि इन प्रावधानों का उद्देश्य शिकायत निवारण को अधिक सुलभ बनाना है, ताकि योजना से जुड़ी नागरिकों की चिंताओं पर समय रहते ध्यान दिया जा सके।
