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Vande Bharat train: मुंबई-अहमदाबाद रूट पर वंदे भारत ट्रेन की सुरक्षा करेगा 'बॉडीगार्ड', रेल मंत्री ने जारी किया Video

  • Written by: आलोक कुमार राव
  • Updated Jan 30, 2023, 01:32 PM IST

Vande Bharat train: गांधीनगर से मुंबई के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस अपनी सेवा से ज्यादा मवेशियों से टकराने को लेकर चर्चित रही। तीन बार मवेशी टकराने की घटनाएं हुईं, तो रेलवे ने भी सुरक्षा दीवार बनाने का फैसला लिया।

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मुंबई-अहमदाबाद मार्ग पर फेंसिंग का काम जारी।

Photo : PTI

Vande Bharat train: मुंबई-अहमदाबाद मार्ग पर चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को अब 'बॉडीगार्ड' मिल गया है। यह 'बॉडीगार्ड' इस ट्रेन की सुरक्षा कवच की तरह करेगा। दरअसल, इस मार्ग पर मेटल फेंसिंग का काम शुरू हो गया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वीडियो जारी मेटल फेंसिंग शुरू होने की जानकारी दी है। बताया गया कि इस मार्ग पर फेंसिंग का काम मई के अंत तक पूरा हो जाएगा। बता दें कि सेमी हाई-स्पीड ट्रेन के शुरू होने के बाद इस मार्ग पर मवेशियों के साथ कई हादसे हुए हैं।

ट्रेन से कई बार मवेशी टकराए

गांधीनगर से मुंबई के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस अपनी सेवा से ज्यादा मवेशियों से टकराने को लेकर चर्चित रही। तीन बार मवेशी टकराने की घटनाएं हुईं, तो रेलवे ने भी सुरक्षा दीवार बनाने का फैसला लिया। भैंसों से टक्कर की एक घटना में इंजन का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। इस हादसे में ट्रेन सेवा में विलंब हुआ।

मेटल फेंसिंग लगाने के टेंडर जारी

रेल मंत्रालय के मुताबिक 620 किमी से ज्यादा रूट का काम सेंक्शन हो चुका है, सभी टेंडर अवॉर्ड किए जा चुके हैं। इस काम के लिए करीब 245.26 करोड़ रुपये खर्च होंगे। सभी आठ टेंडर जिए जा चुके हैं और कार्य पूरे प्रगति पर है। साथ ही पश्चिम रेलवे ने मवेशी मालिकों से रेलवे ट्रैक के समीप अपने जानवरों को खुला न छोड़ने की अपील की है। ट्रेन से मवेशियों के टकराने की घटनाओं के बाद ही रेलवे को ट्रैक के दोनों तरफ फेंसिंग लगाने का फैसला करना पड़ा।

ट्रेन के 'नोज' को पहुंचा नुकसान

वंदे भारत एक्सप्रेस के इंजन की बनावट पारंपरिक रेल इंजन से थोड़ी अलग है। इसमें लोकल ट्रेनों की तरह मोटर केबिन होती है जो ट्रेन को हल्का बनाए रखती है। इंजन के अगले हिस्से पर गार्ड (नोज) लगा होता है। पिछली घटनाओं में यही गार्ड (नोज) बार-बार टूटा। नवंबर 2022 में रेल मंत्री ने कहा कि अगले पांच से छह महीनों में ट्रैक के दोनों तरफ दीवारें बनाई जाएंगी। मवेशियों के टकराने से साल 2022-23 में कुल 2,521 मेल एवं एक्सप्रेस ट्रेन की सेवाएं प्रभावित हुईं।
आलोक कुमार राव
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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