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'ईरान को हमारा सम्मान करना होगा, नहीं तो…' शांति के लिए ट्रंप ने तेहरान के सामने रखी बड़ी शर्त

US Iran Peace Deal: अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड के बर्जेनस्टाक में शुरू हुई बहुप्रतीक्षित शांति वार्ता सिर्फ 80 मिनट में तनावपूर्ण माहौल के बीच रुक गई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेबनान में हिजबुल्ला की गतिविधियां रोकने की चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में दोनों देशों के रिश्ते तेहरान के “सम्मान” पर निर्भर करेंगे। दूसरी ओर, हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही धीरे-धीरे बहाल हो रही है। ईरान ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत मार्ग संचालन की बात कही है। अमेरिका ने ईरानी तेल पर 60 दिनों की राहत भी दी है, जिससे वैश्विक तेल बाजार में नरमी देखने को मिली।

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शांति समझौते के लिए ट्रंप ने ईरान के सामने रखी बड़ी शर्त। AI IMAGE

US Iran Peace Deal: अमेरिका और ईरान के बीच रविवार को स्विट्जरलैंड के बर्जेनस्टाक में कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थता में शुरू हुई बहुप्रतीक्षित शांति वार्ता महज 80 मिनट तक ही चल सकी। वार्ता के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तीखे बयान से माहौल तनावपूर्ण हो गया। ट्रंप ने ईरान को लेबनान में हिजबुल्ला की गतिविधियां रोकने की चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसा नहीं होने पर अमेरिका फिर सैन्य कार्रवाई कर सकता है। इसी बीच ट्रंप ने कहा कि भविष्य में अमेरिका और ईरान के रिश्तों की दिशा इस बात पर निर्भर करेगी कि तेहरान अमेरिका के प्रति कितना “सम्मान” दिखाता है।

ईरान को हमारा सम्मान करना होगा: ट्रंप

ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा, “जब तक वे हमारा सम्मान करेंगे, तब तक किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। मैं ‘डर’ शब्द का इस्तेमाल नहीं करना चाहता, लेकिन सम्मान जरूरी है।” इस बीच दुनिया के सबसे अहम तेल व्यापार मार्गों में शामिल हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर भी गतिविधियां तेज हो गई हैं। अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों के बाद यह समुद्री मार्ग प्रभावित हुआ था, जिससे वैश्विक तेल बाजार में उथल-पुथल मच गई थी।

होर्मजु में जहाजों की आवाजाही की फिर से शुरुआत

हालांकि अंतरिम समझौते के बाद जहाजों की आवाजाही फिर शुरू होने लगी है, लेकिन मुख्य मार्ग अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक कई जहाज वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल कर रहे हैं। उधर, ईरान की संसद के अध्यक्ष और मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य का संचालन ईरान करेगा, लेकिन अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही समुद्री रास्ता पूरी तरह सक्रिय होगा और क्षेत्रीय व वैश्विक अर्थव्यवस्था को राहत मिलेगी।

ईरानी तेल पर हटी पाबंदियां

इसी कड़ी में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और गालिबाफ ने ओमान पहुंचकर शांति प्रयासों और समुद्री सुरक्षा पर चर्चा की। वहीं, अमेरिका ने बड़ा कदम उठाते हुए ईरानी तेल पर लगी कुछ पाबंदियों में 60 दिनों की राहत देने की घोषणा की है। इससे लंबे समय बाद अमेरिकी बाजार में ईरानी तेल की वापसी की संभावना बनी है। तेल बाजार में भी इसका असर दिखा। ब्रेंट क्रूड करीब 3.2% गिरकर 77.52 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी क्रूड 2.6% गिरकर 73.86 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया।

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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