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दिल्ली-NCR में प्रदूषण को लेकर मोदी सरकार सख्त, जानें किन वाहनों और क्या-क्या करने पर लगा प्रतिबंध

  • Edited by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 22, 2023, 07:36 PM IST

Pollution In Delhi NCR: दिल्ली-एनसीआर में अनावश्यक निर्माण कार्य और प्रदूषण फैलाने वाले चारपहिया वाहनों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। बता दें, जीआरएपी केंद्र की वायु प्रदूषण नियंत्रण योजना है, जो सर्दियों के मौसम के दौरान क्षेत्र में लागू की जाती है।

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दिल्ली-एनसीआर में किन कार्यों पर लगा प्रतिबंध?

Photo : PTI

Delhi NCR News Today: केंद्र ने दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में खराब होती वायु गुणवत्ता के बीच गैर जरूरी निर्माण कार्यों और बीएस-तीन पेट्रोल एवं बीएस-चार डीजल चालित चार पहिया वाहनों पर प्रतिबंध लगाने का शुक्रवार को आदेश दिया। क्षेत्र में प्रदूषण से निपटने की रणनीति बनाने वाले वैधानिक निकाय वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने एक आदेश जारी कर कहा कि हवा की कम गति के साथ कोहरे और धुंध सहित मौसम संबंधी प्रतिकूल स्थितियां दिल्ली के दैनिक औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में अचानक वृद्धि का प्रमुख कारण हैं।

दिल्ली-एनसीआर में इन कार्यों पर प्रतिबंध

दिल्ली का समग्र एक्यूआई शुक्रवार सुबह से लगातार बढ़ रहा है। यह पूर्वाह्न 10 बजे 397 और शाम चार बजे 409 था। सीएक्यूएम ने चरणबद्ध प्रतिक्रिया कार्य योजना(जीआरएपी) के तीसरे चरण के तहत प्रतिबंधों को फिर से लागू करते हुए दिल्ली-एनसीआर में गैर-जरूरी निर्माण कार्यों, पत्थर तोड़ने और खनन पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है।

किन-किन कामों के लिए मिली छूट

राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित निर्माण कार्यों, राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं, स्वास्थ्य सेवाओं, रेलवे, मेट्रो रेल, हवाई अड्डों, अंतरराज्यीय बस अड्डों, राजमार्गों, सड़कों, फ्लाईओवर, ओवरब्रिज, बिजली पारेषणों, पाइपलाइन, स्वच्छता और जल आपूर्ति को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है। तृतीय चरण के जीआरएपी के तहत दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर में बीएस-तीन पेट्रोल और बीएस-चार डीजल चालित चार पहिया वाहनों के संचालन पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।

कब लागू होती है वायु प्रदूषण नियंत्रण योजना?

जीआरएपी केंद्र की वायु प्रदूषण नियंत्रण योजना है, जो सर्दियों के मौसम के दौरान क्षेत्र में लागू की जाती है। जीआरएपी के तहत कार्रवाई को चार चरणों में वर्गीकृत किया गया है, जिसमें प्रथम चरण - ‘खराब’ (एक्यूआई 201-300), द्वितीय चरण - ‘बहुत खराब’ (एक्यूआई 301-400), तृतीय चरण- ‘गंभीर’ (एक्यूआई 401-450) और चतुर्थ चरण- ‘अति गंभीर’ (एक्यूआई 450 से अधिक) शामिल हैं।

(भाषा)

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