देश

सुरक्षा एजेंसियों के साथ अमित शाह ने की बैठक, आतंकी इकोसिस्टम के खात्मे के लिए तेजतर्रार अधिकारियों की टीम गठित करने के निर्देश

Amit Shah: केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को विभिन्न सुरक्षा और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के प्रमुखों के साथ बैठक की। उन्होंने आतंकी इकोसिस्टम क के दौरान केन्द्रीय गृह मंत्री ने राष्ट्रीय सुरक्षा में शामिल सभी एजेंसियों से युवा, तकनीकी रूप से कुशल जोशीले अधिकारियों की एक टीम गठित करने पर जोर दिया।

Image

Amit Shah meeting with security agencies

Photo : Times Now Digital

Amit Shah: केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को विभिन्न सुरक्षा और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के प्रमुखों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने देश की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के उत्तरदायी सूचना ब्यूरो के Multi Agency Centre (MAC) की कार्यप्रणाली की समीक्षा की। बैठक को संबोधित करते हुए, केन्द्रीय गृह मंत्री ने देशभर की खुफिया और प्रवर्तन एजेंसियों सहित विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुखों को राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति सरकार का सरकार दृष्टिकोण अपनाने का निर्देश दिया।

उन्होंने देश में उभरते सुरक्षा खतरे के परिदृश्य से निपटने के लिए आतंकी नेटवर्क और उनके सहायक इको-सिस्टम को खत्म करने के लिए सभी एजेंसियों के बीच अधिक तालमेल पर जोर दिया। इस दौरान गृह मंत्री ने सभी प्रतिभागियों से मल्टी एजेंसी सेंटर में अपनी भागीदारी बढ़ाने और इसे एक सामंजस्यपूर्ण मंच बनाने के लिए कहा। बता दें यह सेंटर निर्णायक और त्वरित कार्रवाई के लिए सभी कानून प्रवर्तन एजेंसियों, ड्रग्स-रोधी एजेंसियों, साइबर सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों को एक साथ लाता है।

तकनीकी ओर ऑपरेशनल सुधारों को लागू करने को तैयार

गृह मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि मल्टी एजेंसी सेंटर ने अपने घटकों का विश्वास अर्जित किया है और इसे अंतिम रिस्पांडर्स सहित विभिन्न हितधारकों के बीच प्रो-एक्टवि और रियल टाइम कार्रवाई योग्य जानकारी साझा करने के लिए एक मंच के रूप में 24X7 काम करना जारी रखना चाहिए। केन्द्रीय गृह मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में, MAC फ्रेमवर्क अपनी पहुंच और प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए बड़े तकनीकी और ऑपरेशनल सुधारों को लागू करने को तैयार है। उन्होंने सभी स्टेकहोल्डर्स से त्वरित प्रतिक्रियाओं और साझा की गई जानकारियों के एग्रेसिव फॉलोअप के माध्यम से इन प्रयासों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

बनाई जाए तेजतर्रार अधिकारियों की टीम

बैठक के दौरान केन्द्रीय गृह मंत्री ने राष्ट्रीय सुरक्षा में शामिल सभी एजेंसियों से युवा, तकनीकी रूप से कुशल जोशीले अधिकारियों की एक टीम गठित करने पर जोर दिया। ताकि बिग डाटा और AI/ML संचालित एनालिटिक्स और तकनीकी प्रगति का उपयोग करके आतंकी इकोसिस्टम को खत्म किया जा सके। उन्होंने दोहराया कि नई और उभरती सुरक्षा चुनौतियों के मद्देनज़र हमें अपने रिस्पॉन्स में हमेशा एक कदम आगे रहना होगा।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

और पढ़ें
End of Article