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Budget 2026: नॉर्थ ईस्ट में बनेगा बुद्ध सर्किट, इन 6 राज्यों से होकर गुजरेगा सांस्कृतिक मार्ग, जानें क्या होगा फायदा

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में 'मिशन पूर्वोदय' के जरिए देश के पूर्वी और पूर्वोत्तर हिस्से को भारत के नए 'ग्रोथ इंजन' के रूप में पेश किया है। इस विजन की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है, पूर्वोत्तर का बुद्ध सर्किट। सरकार की यह योजना केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अरुणाचल प्रदेश से लेकर त्रिपुरा तक फैले 6 राज्यों की सामाजिक और आर्थिक तस्वीर बदलने का एक बड़ा दांव है।

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बजट पेश करतीं वित्त मंत्री निर्मली सीतारमण

Photo : Times Now Digital

Buddhist Circuit Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट 2026 पेश करते हुए पूर्वोत्तर भारत के लिए एक अहम और दूरगामी पहल का ऐलान किया है। 'मिशन पूर्वोदय' के तहत सरकार ने पूर्वोत्तर के छह राज्यों में 'बुद्ध सर्किट' विकसित करने का प्रस्ताव रखा है। यह पहल न केवल इन राज्यों की प्राचीन सभ्यता को संरक्षित करेगी, बल्कि पर्यटन और कनेक्टिविटी के जरिए इस पूरे क्षेत्र की आर्थिक तस्वीर बदलने की क्षमता रखती है। वित्त मंत्री ने इस क्षेत्र को थेरवाद, महायान और वज्रयान परंपराओं का एक अद्भुत संगम बताया है।

इन 6 राज्यों से होकर गुजरेगा बुद्ध सर्किट

बजट प्रस्ताव के अनुसार, बुद्ध सर्किट का विस्तार पूर्वोत्तर के छह प्रमुख राज्यों में होगा। इनमें अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, असम, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा शामिल हैं। इन राज्यों में मौजूद भगवान बुद्ध से जुड़े महत्वपूर्ण स्थलों, प्राचीन मंदिरों और बौद्ध मठों को आपस में जोड़ने के लिए एक एकीकृत योजना तैयार की जाएगी। सरकार का मानना है कि इन राज्यों में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, जिन्हें अब तक पूरी तरह से इस्तेमाल नहीं किया जा सका है।

बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी में होगा बड़ा सुधार

बुद्ध सर्किट योजना का मुख्य उद्देश्य केवल धार्मिक स्थलों का संरक्षण ही नहीं, बल्कि वहां तक पहुंचने के रास्तों को भी सुगम बनाना है। योजना के तहत इन राज्यों में सड़क और रेल संपर्क को बेहतर बनाने के लिए विशेष फंड आवंटित किया जाएगा। इसके अलावा, तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए द्विभाषी व्याख्या केंद्र (Pilgrimage Interpretation Centres) स्थापित किए जाएंगे, जो दुनिया भर से आने वाले पर्यटकों को स्थानीय इतिहास और बुद्ध की शिक्षाओं के बारे में सटीक जानकारी देंगे।

आर्थिक विकास और रोजगार को मिलेगी रफ्तार

इस योजना का सबसे बड़ा लाभ स्थानीय युवाओं को रोजगार के रूप में मिलेगा। पर्यटन क्षेत्र के विकास से होटल, परिवहन और हस्तशिल्प जैसे उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। सरकार का लक्ष्य है कि 'मिशन पूर्वोदय' के जरिए पूर्वी भारत को आत्मनिर्भर बनाया जाए और साल 2020 में शुरू हुए इस मिशन को अब बुद्ध सर्किट के जरिए नई ऊंचाई दी जाए। आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार, पर्यटन का जीडीपी में योगदान बढ़कर 5.22 प्रतिशत हो गया है, जिसे यह सर्किट और अधिक मजबूती देगा।

ग्रीन ट्रांसपोर्ट और औद्योगिक गलियारे की सौगात

बुद्ध सर्किट के साथ-साथ वित्त मंत्री ने पर्यावरण का ध्यान रखते हुए शहरी परिवहन के लिए 4,000 इलेक्ट्रिक बसें चलाने की भी घोषणा की है। साथ ही, दुर्गापुर के साथ एक एकीकृत ईस्ट कोस्ट इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। यह औद्योगिक विकास और आध्यात्मिक पर्यटन का एक ऐसा अनूठा तालमेल होगा, जो पश्चिम बंगाल से लेकर पूर्वोत्तर के सुदूर राज्यों तक समृद्धि लाएगा।

बजट के बारे में क्या कहते हैं एक्सपर्ट

इंटेलीस्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के एमडी और सीईओ, अनिल रावल कहते हैं कि “केंद्रीय बजट 2026 भारत के बेहतर भविष्य को स्पष्ट दिखाने वाला है। यह विकसित भारत के विजन के प्रति सरकार की लगातार प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है। इस बजट से सार्वजनिक क्षेत्र के वित्तीय संस्थानों को मजबूती मिलने वाली है। खासकर पावर सेक्टर इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसर, पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन और आरईसी लिमिटेड के प्रस्तावित पुनर्गठन से विकास के लिए तैयार वित्तीय इकोसिस्टम बनाने की लंबी अवधि की एक मजबूत रणनीति को स्पष्ट दर्शा रहा है। ये संस्थाएं न केवल पावर सेक्टर के लिए प्रमुख ऋणदाता हैं, बल्कि व्यापक इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए भी तेजी से महत्वपूर्ण होती जा रही हैं। पावर सेक्टर विकसित भारत 2047 के लिए डिजिटल रूप से आधुनिक और आर्थिक रूप से व्यवहारिक होना बहुत जरूरी है। यह बजट इस वास्तविकता को स्पष्ट रूप से पहचानता है, जो आने वाले दशकों तक भारत की आर्थिक वृद्धि, ऊर्जा सुरक्षा और जलवायु प्रतिबद्धताओं का आधार बनेगा।”

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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