देश

उमेश पाल मर्डर केस: अतीक अहमद को सता रहा जान का खतरा, सुरक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट से लगाई गुहार

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Mar 1, 2023, 06:09 PM IST

उमेश पाल मर्डर केस में यूपी पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने की कार्रवाई तेज कर दी है। इसी के साथ पुलस ने अतीक अहमद के करीबियों पर शिकंजा कसना भी शुरू कर दिया है।

Image

अतीक ने अब सुप्रीम कोर्ट का रुख किया (PTI file photo)

Photo : PTI

उमेश पाल मर्डर केस में यूपी सरकार का सख्त रुख देख समाजवादी पार्टी (सपा) के पूर्व नेता अतीक अहमद को अब अपनी मौत का खौफ सता रहा है। अपनी जान की सुरक्षा को लेकर अतीक ने अब सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। अपनी याचिका में अतीक ने कहा है कि उसे गुजरात से यूपी जेल में शिफ्ट नहीं कराया जाए। उससे अहमदाबाद में ही पूछताछ की जाए।

सुप्रीम कोर्ट से लगाई गुहार

अतीक ने अपनी सुरक्षा का अनुरोध करते हुए बुधवार को दावा किया कि उमेश पाल हत्या मामले में एक आरोपी के रूप में उन्हें भी शामिल किया गया है और उसे अपनी जान का खतरा है। इस समय अहमदाबाद केंद्रीय जेल में बंद अतीक अहमद ने यह सुनिश्चित करने का निर्देश देने का भी अनुरोध किया है कि पुलिस हिरासत या पूछताछ के दौरान उन्हें किसी भी तरह से शारीरिक नुकसान नहीं पहुंचाया जाए।

अतीक ने उत्तर प्रदेश राज्य और अन्य को अहमदाबाद की केंद्रीय जेल से प्रयागराज या उत्तर प्रदेश के किसी अन्य हिस्से में उन्हें नहीं ले जाने का निर्देश देने का भी अनुरोध किया है। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) विधायक राजू पाल की हत्या के मुख्य गवाह उमेश पाल और उनके पुलिस सुरक्षाकर्मी संदीप निषाद की पिछले शुक्रवार को प्रयागराज के धूमनगंज इलाके में उनके घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उमेश पाल 2005 में प्रयागराज में हुई हत्या के मामले में मुख्य गवाह था जिसमें अहमद और अन्य मुख्य आरोपी हैं।

जफर अहमद के घर पर चला बुलडोजर

वहीं, उमेश पाल मर्डर केस में यूपी पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने की कार्रवाई तेज कर दी है। इसी के साथ पुलस ने अतीक अहमद के करीबियों पर शिकंजा कसना भी शुरू कर दिया है। इसी के तहत आज प्रयागराज पुलिस आरोपी के घर पर बुलडोजर लेकर पहुंची और उसकी संपत्ति (मकान) ढहाने की कार्रवाई दी। अतीक अहमद के करीबी जफर अहमद के घर बुधवार को प्रयागराज विकास प्राधिकरण का बुलडोजर पहुंचा और इसे ढहा दिया।

प्रयागराज विकास प्राधिकरण के सचिव अजित सिंह ने बताया कि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के लिए पीडीए का बुलडोजर बुधवार की सुबह जफर अहमद के मकान पर पहुंचा और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की, दोपहर तक मकान का ज्यादातर हिस्सा ढहा दिया गया। उन्होंने बताया कि जफर अहमद के मकान का नक्शा पीडीए से पास नहीं कराया गया था और उसे नोटिस बहुत पहले ही भेज दिया गया था। इस मकान में अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन रहती थी।

घर से एक तलवार और दो असलहे मिले

अजित सिंह ने बताया कि जफर अहमद के मकान को गिराने से पहले मकान के सभी घरेलू सामान बाहर निकाल कर सुरक्षित रख दिए गए थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मकान खाली करने के दौरान वहां से एक तलवार और दो असलहे मिले जिसे पुलिसकर्मियों ने अपने कब्जे में ले लिया। मकान खाली करने के बाद वहां के घरेलू सामानों को गली के बाहर एक खाली भूखंड में रखा गया जिसमें अतीक अहमद की पत्नी और बेटों के शैक्षणिक प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और संपत्ति के नक्शे आदि शामिल हैं।

इस खाली पड़े भूखंड पर कभी अतीक अहमद का आलीशान बंगला हुआ करता था जिसे पीडीए द्वारा ध्वस्त कर खाली भूखंड में तब्दील कर दिया गया। इस भूखंड पर शाइस्ता परवीन के बसपा के महापौर प्रत्याशी के पर्चे का बंडल और अतीक अहमद के पुराने फोटो का एक अलबम भी देखा गया।

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article