हथियार आयात में 155 प्रतिशत की वृद्धि
रिपोर्ट के मुताबिक, इसी अवधि के दौरान यूरोपीय हथियारों के आयात में कुल मिलाकर 155 प्रतिशत की वृद्धि हुई। हथियारों के आयात में वृद्धि यूरोपीय देशों की यूक्रेन पर रूस के हमले और अमेरिकी विदेश नीति के भविष्य पर अनिश्चितता के मद्देनजर हुई। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हथियारों के परिवहन पर सोमवार को जारी एसआईपीआरआई की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने वैश्विक हथियार निर्यात में अपनी हिस्सेदारी को 43 प्रतिशत तक बढ़ा दिया जबकि रूस के निर्यात में 64 प्रतिशत की गिरावट आई। यूक्रेन-रूस युद्ध फरवरी 2022 में शुरू हुआ और इसके समाधान और क्षेत्र में स्थायी शांति लाने के लिए कुछ देशों द्वारा प्रयास किए जा रहे हैं।
यूक्रेन प्रमुख हथियारों का दुनिया का सबसे बड़ा आयातक बना
एसआईपीआरआई ने बयान में बताया, 2020-24 की अवधि में यूक्रेन प्रमुख हथियारों का दुनिया का सबसे बड़ा आयातक बन गया, जिसका आयात 2015-19 की तुलना में लगभग 100 गुना बढ़ गया। वैश्विक स्तर पर हथियारों के आयात-निर्यात की कुल मात्रा 2015-19 और 2010-14 में लगभग समान स्तर पर रही (लेकिन 2005-2009 की तुलना में 18 प्रतिशत अधिक थी), क्योंकि यूरोप और अमेरिका में बढ़ते आयात की भरपाई अन्य क्षेत्रों में कमी से हुई।
बयान के मुताबिक, 2020-24 में शीर्ष 10 हथियार निर्यातक वही थे, जो 2015-19 में थे, लेकिन रूस (वैश्विक हथियार निर्यात का 7.8 प्रतिशत हिस्सा) फ्रांस (9.6 प्रतिशत) के बाद तीसरे स्थान पर आ गया, जबकि इटली (4.8 प्रतिशत) 10वें स्थान से छठे स्थान पर पहुंच गया। एसआईपीआरआई ने बताया कि यूक्रेन को सबसे ज्यादा हथियार अमेरिका (45 प्रतिशत) से मिले, जिसके बाद जर्मनी (12 प्रतिशत) और पोलैंड (11 प्रतिशत) का स्थान रहा।
फ्रांस दूसरा सबसे बड़ा हथियार निर्यातक देश
2020-24 में शीर्ष 10 आयातकों में यूक्रेन एकमात्र यूरोपीय राज्य था, हालांकि कई अन्य यूरोपीय राज्यों ने इस अवधि के दौरान अपने हथियारों के आयात में काफी वृद्धि की। एसआईपीआरआई के मुताबिक, 2020-24 में फ्रांस, दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा हथियार आपूर्तिकर्ता देश बन गया, जिसने 65 देशों को हथियार भेजे।
