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UGC Bill 2026 Controversy: दिल्ली में यूजीसी हेडक्वार्टर के बाहर प्रदर्शन, बरेली में धरने पर बैठे अलंकार अग्निहोत्री

UGC ने उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने के लिए 2026 के नए नियम अधिसूचित किए हैं, लेकिन इन नियमों को लेकर देशभर में विरोध शुरू हो गया है। दिल्ली में UGC दफ्तर के बाहर छात्रों का प्रदर्शन जारी है, वहीं बरेली में निलंबित नगर मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री धरने पर बैठे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि ये नियम उल्टा भेदभाव बढ़ा सकते हैं और झूठी शिकायतों से निर्दोष लोग फंस सकते हैं।

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यूजीसी मुख्यालय के बाहर लोगों ने किया प्रदर्शन।

Photo : ANI

UGC Bill 2026 Controversy: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने 'उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने संबंधी विनियम, 2026' नाम के नए नियमों का एक सेट अधिसूचित किया। इन नियमों का उद्देश्य देश भर के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में भेदभाव के खिलाफ सुरक्षा उपायों को मजबूत करना है। हालांकि, इस फैसले का समाज समूह के कई वर्गों ने विरोध किया है। दिल्ली में नए नियमों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहा है।

धरने पर बैठे अलंकार अग्निहोत्री

वहीं, उत्तर प्रदेश के बरेली में जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर निलंबित नगर मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री विरोध प्रदर्शन पर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि मैंने कल ही अपना इस्तीफा दे दिया था और डीएम के कैंप कार्यालय में कल ही रची गई साजिश नाकाम हो गई, जहां डीएम महोदय को फोन आया कि इस 'पंडित' को यहीं बैठाए रखा जाए और उसे पूरी रात यहीं से जाने न दिया जाए। मैंने बार एसोसिएशन के सचिव दीपक पांडे को फोन किया और उनसे कहा कि मीडिया को सूचित करें कि मुझे बंधक बनाने का आदेश जारी किया गया है। जब उन्हें पता चला कि मीडिया को मुझे बंधक बनाने की साजिश के बारे में जानकारी है, तो मुझे जाने दिया गया। यह एक रची गई साजिश थी, जिसके तहत मैं एक बयान जारी करता और मुझे किसी अन्य आरोप में निलंबित कर दिया जाता।

उन्होंने आगे कहा कि हम इस निलंबन आदेश के संबंध में अदालत का रुख करेंगे। एक विशेष जांच समिति का गठन किया जाना चाहिए और फोन पर हुई पूरी बातचीत की जांच की जानी चाहिए। हम जल्द ही आगे की कार्रवाई तय करेंगे।"

यूजीसी दफ्तर के बाहर हो रहे प्रदर्शन

दिल्ली के बहादुर शाह जफर मार्ग स्थित यूजीसी मुख्यालय के बाहर आज (मंगलवार) सुबह से ही प्रदर्शनकारियों की भीड़ जमा हो गई है। हाथों में तख्तियां थामे और जोर-जोर से नारे लगाते युवा छात्रों ने यूजीसी के नए उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने के नियम 2026 के खिलाफ अपना रोष जाहिर किया।

क्यों हो रहा विरोध प्रदर्शन?

विरोध करने वाले, खासकर सामान्य वर्ग के छात्रों का कहना है कि यह नियम 'उल्टा भेदभाव' पैदा कर सकता है। ये दावा करते हैं कि इसमें झूठी शिकायतों पर पर्याप्त सुरक्षा नहीं है, जिसकी वजह से निर्दोष छात्र या शिक्षक फंस सकते हैं। प्रदर्शनकारियों ने इसे एकतरफा और भेदभावपूर्ण करार दिया है।

सरकार का क्या कहना है?

सरकार ने कहा कि इन बदलावों का उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों में अधिक निष्पक्षता और जवाबदेही लाना है, लेकिन कई आलोचकों को आशंका है कि इससे सामाजिक विभाजन और गहरा सकता है और विश्वविद्यालय परिसरों में नई चुनौतियां पैदा हो सकती हैं।

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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