Maharashtra: बुधवार को आए महाराष्ट्र स्पीकर राहुल नार्वेकर के फैसले से जहां एक तरफ एकनाथ शिंदे सरकार बच गई, वहीं उद्धव ठाकरे को भी एक राहत मिली है। स्पीकर ने उद्धव गुट वाली शिवसेना के विधायकों को अयोग्य करार देने वाली याचिका खारिज कर दी है।
किस आधार पर खारिज
शिवसेना के मुख्य सचेतक भरत गोगावले द्वारा दायर याचिका में स्पीकर ने पाया कि याचिका में बड़ी असंगतताएं और विसंगतियां हैं और उन्होंने ठाकरे गुट के सभी विधायकों को अयोग्य घोषित करने के उनके आधार को खारिज कर दिया। शिंदे की तरफ से उद्धव गुट के 13 विधायकों को अयोग्य घोषित करने की मांग की गई थी।
उद्धव को छोटी राहत
इसे ठाकरे के लिए सांत्वना के रूप में देखा जा रहा है। उनके 13 विधायकों का विधायक दल - जिनमें उनके बेटे और पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे भी शामिल हैं - को अयोग्य घोषित नहीं किया गया है। वे विधानसभा चुनाव से पहले अपने शेष कार्यकाल तक विधायक बने रहेंगे।
उद्धव गुट ने स्पीकर को घेरा
स्पीकर के फैसले की आदित्य ठाकरे, संजय राउत और अन्य नेताओं सहित एसएस-यूबीटी नेताओं ने कड़ी आलोचना की, जिन्होंने इसे "अपेक्षित तर्ज पर" बताया जैसा कि वे हाल के दिनों में भविष्यवाणी कर रहे थे। आदित्य ठाकरे ने फैसले को "संविधान और लोकतंत्र की हत्या" करार दिया और कहा कि पार्टी इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी। इसे देश और मराठियों के लिए "काला दिन" बताते हुए राउत ने स्पीकर, सीएम और मुख्य सचेतक की साख पर भी सवाल उठाया और हैरानी जताई कि 40 विधायकों के दलबदल के बाद पूरी पार्टी प्रतिद्वंद्वी गुट को कैसे सौंपा जा सकता है।
