पश्चिम बंगाल में मिले निपाह के दो संदिग्ध, केंद्र ने भेजी एक्सपर्ट की टीम; जेपी नड्डा ने सीएम ममता से लिया अपडेट
- Reported by: भावना किशोरEdited by: शिव शुक्ला
- Updated Jan 12, 2026, 07:50 PM IST
पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के दो संदिग्ध मामले सामने आए हैं। 11 जनवरी 2026 को आईसीएमआर के वीआरडीएल, एम्स कल्याणी में इन मामलों की पहचान हुई है। निपाह वायरस की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने तुरंत कदम उठाए हैं।
पश्चिम बंगाल में निपाह के दो संदिग्ध मामले।
पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के दो संदिग्ध मामलों की पहचान होते ही केंद्र सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है। यह मामले 11 जनवरी 2026 को AIIMS कल्याणी स्थित ICMR की वायरस रिसर्च एंड डायग्नोस्टिक लैब (VRDL) में सामने आए। निपाह वायरस की गंभीरता को देखते हुए हालात को सर्वोच्च प्राथमिकता पर संभाला जा रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने दिया भरोसा।केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर फोन पर बात कर यह आश्वासन दिया है कि केंद्र सरकार राज्य को हर जरूरी मदद देगी।
गौरतलब है कि निपाह वायरस एक जिनेटिक बीमारी है, जो जानवरों से इंसानों में फैलती है और इसकी मृत्यु दर काफी अधिक मानी जाती है। साथ ही इसके तेजी से फैलने की आशंका को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
केंद्र और राज्य में त्वरित समन्वय 11 जनवरी को जानकारी मिलते ही केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिव ने पश्चिम बंगाल सरकार के मुख्य सचिव और स्वास्थ्य सचिव के साथ तत्काल बैठक की। बैठक में स्थिति की गहन समीक्षा की गई, त्वरित और समन्वित कार्रवाई,संक्रमण को फैलने से रोकना,नेशनल जॉइंट आउटब्रेक रिस्पॉन्स टीम तैनात को लेकर चर्चा हुई।
केंद्र सरकार की विशेषज्ञों की टीम बंगाल रवाना
केंद्र सरकार ने तुरंत एक राष्ट्रीय संयुक्त आउटब्रेक प्रतिक्रिया टीम को पश्चिम बंगाल भेज दिया है। इस टीम में शामिल AIH&PH, कोलकाता, NIV, पुणे, NIE, चेन्नई, AIIMS कल्याणी और वन्यजीव विभाग (पर्यावरण मंत्रालय)के विशेषज्ञ शामिल हैं। इस टीम का मुख्य काम संक्रमण की पहचान करना, कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग करना और रोकथाम के उपाय पर फोकस करने के साथ ही राज्य सरकार को तकनीकी सहयोग करना है।
दिल्ली से निगरानी, कंट्रोल रूम सक्रिय
नेशनल सेंटर फॉर डिज़ीज़ कंट्रोल (NCDC), दिल्ली में Public Health Emergency Operations Centre (PHEOC) को सक्रिय कर दिया गया है। देशभर में स्थिति पर 24×7 निगरानी रखी जा रही है।
राज्य को मिला पूरा सहयोग
केंद्र सरकार की ओर से तकनीकी सहायता, लैब सपोर्ट, लॉजिस्टिक मदद दी गई है। साथ ही राज्य सरकार को सर्विलांस बढ़ाने के निर्देश, संक्रमण रोकथाम के उपाय अपनाने को कहा गया है। साथ ही राज्य सरकार को कड़ी निगरानी हर संपर्क व्यक्ति की पहचान संक्रमण श्रृंखला तोड़ने के निर्देश दिए गए हैं।
स्थिति पर कड़ी नजर
स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और घबराने की जरूरत नहीं, लेकिन सतर्कता बेहद जरूरी है। निपाह वायरस को लेकर केंद्र और राज्य सरकारें पूरी तरह सतर्क हैं। समय रहते उठाए गए कदम इस बात का संकेत हैं कि संक्रमण को फैलने से पहले ही काबू में करने की पूरी तैयारी है।
निपाह वायरस क्या है जानिए ?
निपाह वायरस (Nipah Virus) एक बेहद खतरनाक और जानलेवा ज़ूनोटिक वायरस है, जो जानवरों से इंसानों में फैलता है और मुख्य रूप से चमगादड़ों (फ्रूट बैट) को इसका प्राकृतिक स्रोत माना जाता है।
भारत में निपाह वायरस का पहला मामला वर्ष 2001 में पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में सामने आया था, इसके बाद केरल में 2018, 2019, 2021 और 2023 में इसके प्रकोप देखे गए। अब तक भारत में निपाह वायरस के करीब 90 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें मृत्यु दर काफी अधिक रही है। यह वायरस बुखार, सिरदर्द से शुरू होकर दिमाग में सूजन (एन्सेफलाइटिस), सांस की गंभीर समस्या और कोमा तक पहुंचा सकता है। इसकी मृत्यु दर 40 से 75 प्रतिशत तक बताई जाती है, जो इसे बेहद खतरनाक बनाती है। फिलहाल निपाह वायरस का कोई निश्चित इलाज या वैक्सीन उपलब्ध नहीं है, इसलिए समय पर पहचान, आइसोलेशन और सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।
देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (News in Hindi) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। देश (India News) अपडेट और चुनाव (Elections) की ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से ।