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बिहार के लिए मोदी सरकार का बड़ा तोहफा, बनेंगे दो स्पेशल इकोनॉमिक जोन; जानें खास बातें

Bihar News: मोदी सरकार ने बिहार को बड़ा तोहफा देने का फैसला किया है। सूबे में दो स्पेशल इकोनॉमिक जोन बनेंगे, जिसके लिए केंद्र सरकार ने सहमति दे दी है। बिहार के उद्योग मंत्री नीतीश मिश्रा ने बताया कि बिहार में स्पेशल इकोनॉमिक जोन की मांग लंबे समय से लोग करते रहे हैं।

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बिहार में बनेंगे दो स्पेशल इकोनॉमिक जोन।

Photo : Times Now Digital

Modi Sarkar Plan for Bihar: बिहार में उद्योगों को बढ़ाने के लिए प्रयासरत प्रदेश सरकार को सफलता हाथ लगी है। केंद्र सरकार ने बिहार में दो स्पेशल इकोनॉमिक जोन (एसईजेड) स्थापित करने पर सहमति दे दी है। इसके लिए भारत सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की टीम ने पश्चिमी चंपारण के कुमारबाग और बक्सर के नवानगर का निरीक्षण किया और इसे एसईजेड के लिए उपयुक्त पाया।

बिहार में बनेंगे दो स्पेशल इकोनॉमिक जोन

बिहार के उद्योग विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा ने इसकी जानकारी सोशल मीडिया के जरिये दी है। उन्होंने बताया कि बिहार में स्पेशल इकोनॉमिक जोन की मांग लंबे समय से लोग करते रहे हैं। इसी संदर्भ में वे 20 जून को भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से नई दिल्ली में मुलाकात कर बिहार में एक भी एसईजेड न होने के तथ्य से अवगत कराते हुए स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन विकसित करने का आग्रह किया था।

पीयूष गोयल ने साझा की अहम जानकारी

इसके बाद केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने पत्र के जरिये नीतीश मिश्रा को बताया कि 26 एवं 27 जून को कुमारबाग, पश्चिम चंपारण एवं नवानगर, बक्सर में प्रस्तावित साइट का निरीक्षण फाल्टा एसईजेड द्वारा कराया गया है जिसमें दोनों ही स्थानों को इसके विकास के अनुकूल पाया गया। यह बिहार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण अवसर है।

उन्होंने हालांकि यह भी कहा कि अभी कुछ औपचारिकताएं शेष हैं जिसमें बियाडा द्वारा भूमि आदि से संबंधित आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराया जाएगा एवं आगे की प्रक्रिया पूर्ण करते हुए बोर्ड ऑफ अप्रूवल के समक्ष स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा।

बिहार के मंत्री ने केंद्रीय मंत्री का जताया आभार

कहा जा रहा है कि बिहार में एसईजेड के विकास से एक नए औद्योगिक काल का शुभारंभ होगा। देश-विदेश की बड़ी औद्योगिक इकाइयां बिहार में निवेश हेतु आएंगी एवं रोजगार बढ़ेगा। बिहार के उद्योग मंत्री नीतीश मिश्रा ने इसके लिए केंद्रीय मंत्री को इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाने के लिए आभार जताया है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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