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नासिक के आर्टिलरी सेंटर में ट्रेनिंग के दौरान फटा तोप का गोला, दो अग्निवीरों की मौत; सेना ने दिए जांच के आदेश

Nashik Agniveer Death: नासिक के आर्टिलरी सेंटर में ट्रेनिंग सेशन के दौरान अचानक तोप का गोला फट जाने के कारण दो अग्निवीर गंभीर रूप से घायल हो गए, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि, दोनों की मौत हो गई। इस हादसे में एक अन्य घायल बताया जा रहा है।

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नासिक के आर्टिलरी सेंटर में ट्रेनिंग के दौरान फटा तोप का गोला, दो अग्निवीरों की मौत; सेना ने दिए जांच के आदेश

Nashik Agniveer Death: नासिक के आर्टिलरी सेंटर में बड़ा हादसा हुआ। यहां ट्रेनिंग सेशन के दौरान तोप का गोला फट जाने के कारण दो अग्निवीरों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि एक अन्य घायल भी है और उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है। दोनों मृतकों की पहचान गोहिल सिंह और सैफतात शीत के रूप में हुई है।

सामने आई जानकारी के अनुसार, नासिक आर्टिलरी सेंटर में नियमिम प्रशिक्षण सत्र के दौरान जब सैनिक लाइव फायर अभ्यास में लगे हुए थे, उसी समय यह हादसा हुआ। अधिकारियों ने बताया तोप लोड करते समय गोला अचानक से फट गया, जिसमें दोनों अग्निवीर घायल हो गए। उन्हें तुरंत सैनिक अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई।

पुलिस ने शुरू की जांच

उधर, मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि इस संबंध में देवलाली कैंप पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले की जांच भी शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि घटना करीब 12 बजे घटी। बताया जा रहा हे कि अग्निपथ योजना के तहत दोनों अग्निवीर पिछले साल नासिक रोड स्थित तोपखाना केंद्र में ज्वॉइन हुए थे।

सेना ने भी दिए जांच के आदेश

भारतीय सेना की ओर से भी इस संबंध में बयान जारी किया गया है। सेना ने कहा है कि प्रशिक्षण सत्र के दौरान तोप का गोला फटने के कारण दो अग्निवीरों की मौत दुखद है। अग्निवीर हैदराबाद से महाराष्ट्र के नासिक के देवलाली में आर्टिलरी स्कूल में प्रशिक्षण के लिए आए थे। सेना ने दुर्घटना के सही कारण का पता लगाने के लिए घटना की कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश दिए हैं।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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