केंद्रीय सड़क और परविहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि 2024 के अंत से पहले भारत की सड़कों की इंफ्रास्ट्रक्चर अमेरिका के मानकों के बराबर का हो जाएगा। यह बात उन्होंने शुक्रवार (16 दिसंबर, 2022) को 95वें फिक्की एनुअल कन्वेंशन के दौरान कही। मंत्री के मुताबिक, हम देश में विश्व स्तर के मानकों का रोड इंफ्रास्ट्रक्चर बना रहे हैं।
गडकरी के इस दावे से जुड़ी खबर जब समाचार एजेंसी एएनआई ने टि्वटर पर साझा की तो वहां सोशल मीडिया यूजर्स इस पर रिएक्ट करने लगे। ढेर सारे लोगों ने उन्हें इस दौरान हिंदुस्तानी सड़कों की जमीनी हकीकत से तस्वीरों और हाल बताकर रू-ब-रू कराया। @KhetamParag की ओर से लिखा गया- हमें अमेरिका के मानक की जरूरत नहीं है। मुंबई-गोवा रोड (खासकर पनवेल से मनगांव तक) पिछले 10-15 सालों में मैंने जहां भी गाड़ी चलाई है, उनमें वहां सबसे खराब सड़क रही है। पता नहीं...कोई इसे सही क्यों नहीं करता है।
@javaidbhai899 ने लिखा, "मस्त जोक मारा है।" @Cashmoney_Drip के हैंडल से कहा गया कि आप टियर-3 शहरों और छोटे नगरों की सड़कों का हाल देखिए। जमीनी हकीकत इन बयानों से दूर है। हालांकि, एनएच और उनकी ओर से बनाए जा रहे एक्सप्रेस वे पर सरकार की सराहना करने की जरूरत है। आगे @yaSubramanya1 ने केंद्रीय मंत्री को टैग करते हुए लिखा- अधिकतर नेशनल हाईवे बहुत बुरी स्थिति में है। आप सिर्फ मैसूर-बेंगलुरू एक्सप्रेस-वे पर गाड़ी चला लें और देख लीजिए कि नया हाई-वे कितना खराब है।
@sirprashm ने कहा कि अगले कुछ महीनों में कोई प्रमुख चुनाव नहीं है। यह मजाक आगे के लिए भी रखा जा सकता था। @_bisht07 के टि्वटर अकाउंट से कहा गया- जब हवा में उड़ने वाली बसें चला ही रहे हो तो फिर सडकें बनाने में सरकारी खजाना किन कंपनियों की कमाई के लिए लुटा रहे हो? @ait_jitendra ने बताया कि जयपुर से लौटा हूं। जयपुर से दिल्ली की सड़कें वाहियात हैं। @GandhianRSINGH ने कहा- सड़क तो ठीक है और शिक्षा-स्वास्थ्य का मानक भी क्या यूएसए वाला चलेगा? @tweeetaar ने पूछा कि कितना बार बोलेंगे भाई...पहले बना तो लीजिए।
