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'मुझे नजर लगने पर विश्वास नहीं, ड्रग्स और मिलावटी खाने पर तीखी नजर' बोले तुकाराम, प्रीति की T-Shirt पर भी दिया जवाब

तुकाराम का बयान सामने आया है, कहा- 'मैं नजर लगने पर विश्वास नहीं करता, जितने भी ड्रग्स और एडल्टरेटेड फूड हैं उन पर मेरी तीखी नजर है। भारत के नागरिकों को गलत काम नहीं होने देना चाहिए।'प्रीति के T-Shirt वाले सवाल पर क्या बोले?

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तुकाराम मुंडे के नाम की टी-शर्ट पहने हुए प्रीति जिंटा

FDA कमिश्नर तुकाराम मुंडे ने कहा कि मुझे किसी की नजर लगे मैं इस पर विश्वास नहीं करता है नहीं मैं किसी की नजर लगने पर विश्वास नहीं करता। जितने भी ड्रग्स और अडल्टरेटेड फूड हैं, उन पर मेरी तीखी नजर है। अनसेफ फूड और ड्रग्स के मामले में मैं लगातार नजर रख रहा हूं। मेरा मानना है कि भारत की जितनी भी आबादी है, जितने भी नागरिक हैं, उन्हें अपने स्तर पर किसी भी गलत काम को होने नहीं देना चाहिए और न ही खुद ऐसा कोई काम करना चाहिए।

जहां तक फूड और ड्रग्स का सवाल है, कोई भी ऐसा फूड आइटम जो अनसेफ या सब-स्टैंडर्ड है, जिसमें फैट, शुगर या नमक की मात्रा ज्यादा है, उसे नहीं खाना चाहिए, क्योंकि इसका आपकी सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है।

मुंडे ने कहा- 'मैं अपनी तरफ से काम करने और अपनी भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा हूं। लेकिन मुझे लगता है कि यह सिर्फ मेरा काम नहीं है। यह पूरी टीम का काम है और टीम इस पर काम कर रही है। FDA की टीम भी इसमें काम कर रही है। इसके साथ सभी लोगों को जुड़ना चाहिए। यह एक पब्लिक मूवमेंट बनना चाहिए, ऐसा मेरा मानना है।'

रिपोर्टर के सवाल कि 'पिछले कुछ दिनों में तुकाराम मुंडे के नाम की टी-शर्ट पहने हुए प्रीति जिंटा भी हमें मुंबई के स्ट्रीट फूड और कई दूसरी जगहों पर दिखाई दी हैं। क्या आपकी उनसे कोई बात हुई है? इस बारे में आपका क्या कहना है?'

'मैं उनका आभारी हूं कि उन्होंने 'टीम तुकाराम मुंडे' लिखा है'

तुकाराम मुंडे ने कहा- 'नहीं, मेरी उनसे कोई बात नहीं हुई है। मैं उनसे कभी व्यक्तिगत रूप से नहीं मिला हूं और न ही फोन पर मेरी उनसे बात हुई है।' लेकिन मैं उनका आभारी हूं कि उन्होंने 'टीम तुकाराम मुंडे' लिखा है। मुझे लगता है कि समाज के हर स्तर और हर क्षेत्र में ऐसे लोग होते हैं, जिनके विचार अच्छे हैं और जो कुछ अच्छा करना चाहते हैं। ऐसे लोगों की एक टीम बननी चाहिए।

'सिर्फ दिखाने से भी काम नहीं चलेगा, वास्तव में उस दिशा में काम होना चाहिए'

उन्होंने कहा- 'अच्छे मुद्दों पर काम होना चाहिए। अच्छे आइडिया, अच्छी सोच और अच्छे एक्शन को आगे बढ़ना चाहिए। उसी हिसाब से अगर 'टीम तुकाराम मुंडे' बनती है और टी-शर्ट पर यह लिखा जाता है, तो यह अच्छी बात है।लेकिन सिर्फ टी-शर्ट पर लिखने से काम नहीं चलेगा। सिर्फ दिखाने से भी काम नहीं चलेगा। वास्तव में उस दिशा में काम होना चाहिए और उसी तरह की सोच भी होनी चाहिए।जो भी अच्छे लोग हैं और अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रहे हैं, उन्हें एक साथ आकर समाज को आगे ले जाने के लिए काम करना चाहिए। अगर उन्होंने इसी संदर्भ में टी-शर्ट पर 'टीम तुकाराम मुंडे' लिखा है, तो यह अच्छी बात है और इस विचार को आगे बढ़ना चाहिए।'

रिपोर्टर ने पूछा कि 'आपको सराहने वाले कई सोशल मीडिया पोस्ट भी नजर आ रहे हैं। कई सेलिब्रिटीज और आम लोग आपके काम की सराहना कर रहे हैं। क्या आपने ये सभी रील्स, वीडियो और सोशल मीडिया कंटेंट देखे हैं? आपको इस पर क्या लगता है?'

तुकाराम मुंडे ने कहा 'कुछ चीजें मेरे पास आती हैं, लेकिन मैं सभी पोस्ट और वीडियो नहीं देख पाता हूं।'

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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