Rajasthan News : राजस्थान में सचिन पायलट और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बीच चल रही तकरार फिलहाल टलती दिखी है। गुरुवार को दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान के साथ मुलाकात के बाद सचिन पायलट के तेवर नरम दिखे और उनकी बातों से पार्टी के दोनों दिग्गज नेताओं के बीच सुलह के संकेत मिले। कांग्रेस मुख्यालय में पार्टी के बड़े नेताओं से मुलाकात के बाद पायलट ने कहा कि राजस्थान में हम एकजुट होकर लड़ेंगे। हमारा मकसद राज्य में दोबारा कांग्रेस की सरकार बनाना है।
पार्टी आलाकमान के साथ सभी मुद्दों पर हुई चर्चा
मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में सचिन ने कहा, 'पार्टी नेताओं के साथ काफी सार्थक, व्यापक और महत्वपूर्ण बातचीत हुई। हमने सभी मुद्दों पर बात की। हमारा संगठन, हमारे नेता, विधायक एवं मंत्री एकजुट होकर आगामी विधानसभा चुनाव का सामना करेंगे। जैसा कि मैं हमेशा कहता आया हूं कि हमारा मकसद राज्य में दोबारा कांग्रेस की सरकार बनाना है।' भाजपा पर निशाना साधते हुए गहलोत ने कहा कि भगवा पार्टी ने युवाओं की समस्या एवं भ्रष्टाचार के मुद्दों पर जनता का ध्यान भटकाने की काफी कोशिश की है।
पायलट बोले-पार्टी जो भी जिम्मेदारी देगी, निभाऊंगा
कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि बीते समय में कांग्रेस पार्टी ने उन्हें जो भी भूमिका दी उसे उन्होंने जिम्मेदारी पूर्वक निभाई। आगे जो भी जिम्मेदारी उन्हें मिलेगी उसे भी वह ईमानदारी पूर्वक निभाएंगे।
पायलट ने तीन मांगें रखी थी
बता दें कि पायलट ने अपनी 'जन संघर्ष यात्रा' के दौरान प्रदेश सरकार के समक्ष तीन मांगें रखी थीं जिनमें राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) का पुनर्गठन, सरकारी परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने से प्रभावित युवाओं को मुआवजा और पिछली वसुंधरा राजे सरकार पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की उच्चस्तरीय जांच शामिल थी। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि पार्टी एकजुट होकर राजस्थान विधानसभा चुनाव लड़ेगी। कांग्रेस नेता ने कहा कि विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी सितंबर के पहले सप्ताह में अपने उम्मीदवारों का ऐलान करेगी।
