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क्या यूसुफ पठान का टूटेगा अस्तबल? पूर्व क्रिकेटर बोले मैं दूसरी पार्टी का सांसद हूं, अब बुलडोजर लेकर आएंगे

TMC के नवनिर्वाचित सांसद यूसुफ पठान को वडोदरा नगर निगम के स्वामित्व वाली एक जमीन पर कथित अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया गया था। इसे लेकर टीएमसी सांसद ने गुजरात हाई कोर्ट का रुख किया है।

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टीएमसी सांसद यूसुफ पठान ने किया गुजरात हाई कोर्ट का रुख

Photo : Twitter

TMC MP Yusuf Pathan: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी और TMC सांसद यूसुफ पठान ने जमीन अतिक्रमण को लेकर वडोदरा नगर निगम (वीएमसी) का नोटिस मिलने के बाद हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। सांसद यूसुफ पठान को 6 जून को नोटिस देते हुए तंदलजा में स्थित वीएमसी के मालिकना हक वाले प्लॉट से 15 दिन के भीतर अतिक्रमण हटाने को कहा गया है। यूसुफ पठान ने कोर्ट को सूचना दी है कि उन्होंने उस जमीन के लिए 2012 में आवेदन दिया था और वीएमसी ने 2014 में दूसरे प्लान का प्रस्ताव दिया था। पठान के वकील ने हाई कोर्ट से कहा कि मैं हाल ही में लोकसभा चुनाव में चुना गया और मुझे प्रताड़ित करने की कोशिश की जा रही है, क्योंकि मैं एक दूसरी पार्टी से चुना गया हूं। पिछले 10 साल में कुछ नहीं किया गया और अचानक चुनाव परिणाम के बाद 6 जून को एक नोटिस भेज दिया गया। यदि मैंने उनकी मांग नहीं मानी तो वे बुलडोजर लेकर आएंगे।

सांसद यूसुफ पठान ने निगम की जमीन पर बनाया अस्तबल

TMC सांसद यूसुफ पठान ने कोर्ट से कहा कि वीएमसी ने उन्हें और उनके भाई को जमीन आवंटित करने का संकल्प लिया था और राज्य को इसमें दखल देने की कोई जरूरत नहीं है। TMC सांसद यूसुफ पठान के आवेदन पर गुजरात हाई कोर्ट ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) शासित वीएमसी से जानकारी मांगी है। वीएमसी के नोटिस में दावा किया गया है कि पूर्व क्रिकेटर ने निगम की जमीन पर अस्तबल बना लिया है, जिस पर भाजपा पार्षद विजय पवार ने जमीन को वापस हासिल किए जाने का प्रस्ताव रखा था।

इस प्रस्ताव को जनरल मीटिंग में पारित किया गया था जिसके बाद वोडदरा म्यूनिसिपल कमिश्नर दिलीप राणा ने यूसुफ पठान को नोटिस जारी किया। इससे पहले पवार ने पत्रकारों से बातचीत में कहा था कि वीएमसी के मालिकाना हक वाले आवासीय प्लॉट की मांग पठान ने की थी क्योंकि यह तब उनके बन रहे घर से सटा हुआ था। पठान ने करीब 57 हजार प्रति स्क्वॉयर मीटर का ऑफर किया था। प्रस्ताव को वीएमसी ने पास कर दिया था, लेकिन पवार ने कहा कि राज्य सरकार के पास मंजूरी देने या नहीं देने का अंतिम शक्ति है। वार्ड 10 के भाजपा पार्षद नितिन डोंघा ने भी पठान के खिलाफ जमीन हथियाने का केस दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने इसके लिए म्यूनिसिपल कमिश्नर को लेटर भी दिया है। हाई कोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई 21 जून को होगी।

Shashank Shekhar Mishra
Shashank Shekhar Mishraauthor

शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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