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स्पीकर पद से ओम बिरला को हटाने के प्रस्ताव पर TMC का समर्थन, कांग्रेस को राहत

विपक्ष ने 10 फरवरी को 119 सांसदों के हस्ताक्षर के साथ नोटिस दिया था और स्पीकर पर पक्षपातपूर्ण रवैये का आरोप लगाया था। विपक्ष का कहना है कि उन्हें बोलने का मौका नहीं दिया गया और कई सांसदों को पूरे सत्र के लिए निलंबित किया गया।

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लोकसभा स्पीकर ओम बिरला।

Photo : PTI

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को हटाने के लिए विपक्ष के प्रस्ताव का समर्थन करेंगे। सूत्रों के मुताबिक यह फैसला पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी के निर्देश पर लिया गया है। TMC के इस फैसले से कांग्रेस को राहत मिली है, क्योंकि स्पीकर के खिलाफ नोटिस लाने में कांग्रेस ने अहम भूमिका निभाई है। पिछले महीने विपक्ष ने संयुक्त नोटिस दिया था, लेकिन उस समय TMC ने उस पर हस्ताक्षर नहीं किए थे और कहा था कि इतना बड़ा कदम उठाने से पहले सभी विकल्पों पर विचार किया जाना चाहिए।

प्रस्ताव सोमवार को चर्चा के लिए सूचीबद्ध

लोकसभा में ओम बिरला को हटाने का प्रस्ताव सोमवार को चर्चा के लिए सूचीबद्ध है। इस मुद्दे पर सदन में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की संभावना है। पहली लोकसभा के बाद यह चौथी बार होगा जब स्पीकर को हटाने का नोटिस सदन में आएगा। 10 फरवरी को विपक्ष ने बजट सत्र के दौरान 119 सांसदों के हस्ताक्षर के साथ स्पीकर को हटाने का नोटिस दिया था। विपक्ष का आरोप है कि स्पीकर का रवैया पक्षपातपूर्ण रहा है। इस नोटिस पर कांग्रेस की प्रियंका गांधी वाड्रा और के.सी. वेणुगोपाल, डीएमके के टी.आर. बालू, समाजवादी पार्टी की डिंपल यादव, माकपा के के. राधाकृष्णन और आरएसपी के एन.के. प्रेमचंद्रन समेत 12 विपक्षी दलों के सांसदों ने हस्ताक्षर किए थे।

विपक्ष का आरोप-स्पीकर ने बोलने का पर्याप्त मौका नहीं दिया

TMC के लोकसभा नेता अभिषेक बनर्जी ने पहले कहा था कि उनकी पार्टी को नोटिस पर हस्ताक्षर करने में कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन पहले स्पीकर के सामने अपनी शिकायतें रखी जानी चाहिए। विपक्ष का आरोप है कि स्पीकर ने विपक्ष के नेताओं को बोलने का पर्याप्त मौका नहीं दिया, कई विपक्षी सांसदों को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया और सत्तापक्ष के नेताओं की आपत्तिजनक टिप्पणियों पर कार्रवाई नहीं की। विपक्ष का कहना है कि इन कारणों से स्पीकर की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं और इससे लोकसभा की कार्यवाही प्रभावित हो रही है।

Ranjeeta Jha
रंजीता झाauthor

13 साल के राजनीतिक पत्रकारिता के अनुभव में मैंने राज्य की राजधानियों से लेकर देश की राजधानी तक सियासी हलचल को करीब से देखा है। प्लांट की गई बातें ख़बरें नहीं होती बल्कि बातों के पीछे छुपी सच्चाई असली ख़बर होती है। खबरें वही जो आपके सरोकार की हो वो आपतक लेकर आऊंगी।

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