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'वोट नहीं तो फंड नहीं' वाले बयान का बचाव करते हुए भड़के अजित पवार, बोले- चुनाव के समय कही जाती है ऐसी बात

Ajit Pawar Remark: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के 'वोट नहीं तो फंड नहीं' वाले बयान ने एक नया सियासी विवाद खड़ा कर दिया। अजित पवार ने अब अपने बयान का बचाव करते हुए उसे सही ठहराया और कहा कि ये बातें सिर्फ चुनाव के समय ही कही जाती हैं।

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महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार (फाइल फोटो)

Ajit Pawar Remark: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के 'वोट नहीं तो फंड नहीं' वाले बयान ने एक नया सियासी विवाद खड़ा कर दिया। अजित पवार ने मतदाताओं से कहा था कि अगर वे उनके उम्मीदवारों को रिजेक्ट करते हैं तो वह भी 'फंड' को रिजेक्ट कर देंगे। अब उन्होंने अपने इस बयान का बचाव करते हुए उसे सही ठहराया और कहा कि चुनाव के समय यह बातें कही जाती हैं।

क्या है पूरा मामला

अजित पवार ने शुक्रवार को पुणे जिले की बारामती तहसील में मालेगाव नगर पंचायत चुनाव प्रचार के दौरान मतदाताओं से कहा था कि अगर वे उनकी पार्टी के उम्मीदवारों को जिताएंगे तो वह शहर में 'फंड' की कोई कमी नहीं होने देंगे, लेकिन यदि मतदाता उनके उम्मीदवारों को रिजेक्ट करते हैं, तो वह भी उन्हें रिजेक्ट कर देंगे।

बयान का बचाव करते हुए भड़के अजित

एनसीपी नेता अजित पवार से जब टाइम्स नाउ के रिपोटर ने 'फंड नहीं वोट नहीं' वाले बयान पर उनकी प्रतिक्रिया लेनी चाही तो उन्होंने पहले अपने बयान का बचाव किया, लेकिन बाद में भड़क गए और सवालों को छोड़कर आगे निकल गए। उन्होंने कहा कि पहले भी बिहार में हाल ही में हुए कई चुनावों में विपक्ष के नेताओं ने नौकरियां देने के दावे किए थे। उन्होंने कहा कि बिहार में भी ऐसे दावे किए गए थे।

वहीं, समाचार एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में अजित पवार ने कहा कि हाल ही में बिहार में चुनाव हुए थे। वहां विपक्ष ने क्या कहा था? 'हमारी सरकार चुनो और हम तुम्हें नौकरियां देंगे' उन्होंने यही कहा था, है ना? कई चुनावों के दौरान, अलग-अलग लोग ऐसे बयान देते हैं, लेकिन ये बातें सिर्फ चुनाव के समय ही कही जाती हैं।"

'चुनावी भाषण में कई बातें कह दी जाती हैं...'

फडणवीस ने अजित पवार के बयान को चुनावी भाषण से जोड़ते हुए कहा कि भाषण में कई बातें कह दी जाती हैं, लेकिन उनका असली मतलब वैसा नहीं होता। उन्होंने कहा कि सरकार महाराष्ट्र के हर इलाके के विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा, “(चुनाव के दौरान) भाषण में कई बातें कह दी जाती हैं, लेकिन उनका असली मतलब वैसा नहीं होता। हमारे साथी ने ऐसा कहा भी हो, तो भी उनकी मंशा भेदभाव करने की नहीं थी और वे कभी ऐसा नहीं करेंगे। आने वाले चुनाव में लोग महायुति को ही चुनेंगे, भले ही हम कुछ जगहों पर अलग-अलग लड़ें।”

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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