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SIR का दूसरा चरण आज से शुरू, दायरे में आएंगे 51 करोड़ मतदाता; असम है बाहर

बिहार के बाद अब अंडमान-निकोबार, लक्षद्वीप, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, मध्यप्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया मंगलवार से शुरू हो जाएगी। निर्वाचन आयोग का उद्देश्य मतदाता सूचियों को सटीक बनाना और अवैध नामों को हटाना है। आयोग ने आश्वासन दिया है कि कोई भी पात्र नागरिक मताधिकार से वंचित नहीं होगा।

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SIR का दूसरा चरण आज से होगा शुरू

देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में आज यानि कि मंगलवार से ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) का दूसरा चरण शुरू कर दिया जाएगा है। यह प्रक्रिया नौ राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में एक साथ प्रारंभ होगी और 7 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के साथ पूरी होगी। इस चरण में शामिल इलाकों में कुल 51 करोड़ मतदाता पंजीकृत हैं। पहले चरण में बिहार में यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जहां 30 सितंबर 2025 को अंतिम मतदाता सूची जारी की गई थी। बिहार में करीब 7.42 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची में दर्ज किए गए थे।

दूसरे चरण में शामिल राज्य और केंद्र शासित प्रदेश

अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में यह विशेष पुनरीक्षण किया जा रहा है। इनमें से तमिलनाडु, केरल, पुडुचेरी और पश्चिम बंगाल में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव निर्धारित हैं, इसलिए मतदाता सूची का यह अद्यतन चुनावी दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है।

असम को फिलहाल बाहर रखा गया

असम में नागरिकता सत्यापन की प्रक्रिया उच्चतम न्यायालय की निगरानी में चल रही है, इसलिए वहां एसआईआर की घोषणा अलग से की जाएगी।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने स्पष्ट किया था कि असम में नागरिकता अधिनियम के तहत अलग प्रावधान हैं, इसलिए यह पुनरीक्षण आदेश वहां लागू नहीं होता।

एसआईआर की समय-सारणी

यह प्रक्रिया 4 नवंबर से 4 दिसंबर 2025 तक चलेगी। आयोग 9 दिसंबर को मतदाता सूची का मसौदा जारी करेगा, जबकि 7 फरवरी 2026 को अंतिम सूची प्रकाशित की जाएगी। पिछली बार इस तरह का व्यापक पुनरीक्षण 2002 से 2004 के बीच हुआ था।

पुनरीक्षण का उद्देश्य

निर्वाचन आयोग का मानना है कि एसआईआर से मतदाता सूची की सटीकता बढ़ेगी- कोई भी पात्र नागरिक छूटेगा नहीं और कोई भी अपात्र नाम सूची में नहीं रहेगा। इस प्रक्रिया के तहत खासतौर पर अवैध विदेशी प्रवासियों की पहचान और उन्हें सूची से हटाने पर ध्यान दिया जाएगा, खासकर बांग्लादेश और म्यांमार से आने वाले प्रवासियों के संदर्भ में।

विवाद और सफाई

जब बिहार में एसआईआर शुरू हुआ था, तब विपक्षी दलों ने आरोप लगाया था कि दस्तावेजों की कमी के कारण करोड़ों पात्र मतदाता सूची से बाहर हो सकते हैं। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, जहां निर्वाचन आयोग ने अपने कदम का बचाव करते हुए कहा कि किसी भी भारतीय नागरिक को मताधिकार से वंचित नहीं किया जाएगा। बाद में बिहार में अंतिम सूची के प्रकाशन के बाद राजनीतिक विवाद थम गया।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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