उमर के ड्राइवर ने यहां खड़ी की थी कार। तस्वीर-ANI
Red Fort Blast: लाल किला विस्फोट मामले में सुरक्षा एजेंसियों ने अपनी जांच तेज कर दी है। बुधवार रात राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) की एक टीम ने स्निफर डॉग के साथ फरीदाबाद के खंडावली गांव में जांच की। इस गांव में ही लाल रंग की एक फोर्ड इकोस्पोर्ट कार जब्त हुई है। बताया जाता है यह कार दिल्ली ब्लास्ट मामले के मुख्य संदिग्ध डॉ. उमर उन नबी की है और एक युवक यहां इस कार को यहां पार्क किया था। सुरक्षा एजेंसियों को इसमें विस्फोटक होने का संदेह था। समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि उमर के मोबाइल फोन और उसके सिग्नल हिस्ट्री की जांच की जा रही है।
सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) एनएसजी ने गांव में लोगों से करीब दस घंटे तक पूछताछ की। इस दौरान दिल्ली पुलिस की टीम भी मौजूद रही। टीम ने कार के सभी पार्ट्स को भी चेक किया। सूत्रों के अनुसार इस गाड़ी को धौज में रहने वाला युवक अपने जीजा के यहां खड़ी करके गया था। जो व्यक्ति गाड़ी खड़ी करके गया था, वो उमर का ड्राइवर है। ड्राइवर की बहन खंदावली गांव में रहती है।
वाहन का पता लगाने के लिए दिल्ली पुलिस की कम से कम पांच टीम तैनात की गई थीं, जबकि पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश और हरियाणा पुलिस को भी कड़ी सतर्कता बरतने और तलाशी में सहायता करने के लिए सतर्क किया गया था। सूत्रों ने बताया कि लाल रंग की फोर्ड इकोस्पोर्ट कार डॉ. उमर उन नबी के नाम पर पंजीकृत है, जो विस्फोट से पहले कथित तौर पर हुंदै आई20 चला रहा था। कार का पंजीकरण विवरण सभी सीमावर्ती इकाइयों को भेज दिया गया था और तलाशी तेज करने के लिए यह जानकारी उत्तर प्रदेश और हरियाणा पुलिस के साथ भी साझा की गई थी। संदेह है कि उमर ने इस वाहन का इस्तेमाल टोही गतिविधियों के लिए किया था। इस बीच, फरीदाबाद पुलिस का तलाशी अभियान बुधवार को भी जारी रहा।
पुलिस ने बताया कि एसीपी क्राइम वरुण दहिया के नेतृत्व में पुलिस टीमों ने अल-फलाह विश्वविद्यालय और हाल ही में उजागर हुए ‘सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल’ के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए प्रमुख संदिग्धों में से एक डॉ. मुजम्मिल गनई के विश्वविद्यालय परिसर स्थित आवास का दौरा किया। अधिकारियों ने बताया कि डॉ. गनई के मोबाइल फोन से प्राप्त डंप डेटा के विश्लेषण से पता चला है कि उसने इस वर्ष जनवरी में लाल किला क्षेत्र की कई बार टोह ली थी। पुलिस ने कहा कि संदेह है कि टोह लेने का काम गणतंत्र दिवस पर ऐतिहासिक स्मारक को निशाना बनाने की एक बड़ी साजिश का हिस्सा था, लेकिन उस समय क्षेत्र में गहन गश्त के कारण यह नाकाम हो गया।
इस संबंध में एक वरिष्ठ जांच अधिकारी ने बताया कि टीम ने धौज गांव में गनई के मकान मालिक से भी पूछताछ की। दिल्ली से केंद्रीय जांच दल भी विश्वविद्यालय पहुंचे और कई डॉक्टरों और छात्रों से एक घंटे तक पूछताछ की गई। सूत्रों ने बताया कि दिल्ली में हुए कार बम विस्फोट की जांच में जुटी जम्मू-कश्मीर पुलिस की टीम भी धौज स्थित अल-फलाह विश्वविद्यालय पहुंची। फरीदाबाद पुलिस के प्रवक्ता ने कहा, ‘हमारा तलाशी अभियान जारी है और टीम इलाके के आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही हैं। सभी पुलिस टीम अलर्ट पर हैं।’
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