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Agniveer Navy: 4 महीने की ट्रेनिंग के बाद नौसेना में अपनी सर्विस देने को तैयार अग्निवीरों का पहला बैच

  • Agency by: भाषा
  • Updated Mar 28, 2023, 11:34 PM IST

Agniveer Navy: नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने पासिंग आउट परेड में नए रंगरूटों से सलामी ली, जो सूर्यास्त के बाद आयोजित की गई थी। भारतीय सशस्त्र बलों में पहली बार पासिंग आउट सूर्यास्त के बाद आयोजित की गयी। परंपरागत रूप से, पासिंग आउट परेड सुबह में आयोजित की जाती है।

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चार महीने के प्रशिक्षण के बाद अग्निवीरों का पहला बैच सेवा देने के लिए तैयार

Photo : ANI

Agniveer Navy: ओडिशा में भारतीय नौसेना के आईएनएस-चिल्का पर मंगलवार को 2,585 अग्निवीरों के पहले बैच की पासिंग आउट परेड का आयोजन किया गया। चार महीने के लंबे प्रशिक्षण के पूरा होने के बाद यह अग्निवीर अब अपनी सेवा देने के लिए तैयार हैं।

नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने पासिंग आउट परेड में नए रंगरूटों से सलामी ली, जो सूर्यास्त के बाद आयोजित की गई थी। भारतीय सशस्त्र बलों में पहली बार पासिंग आउट सूर्यास्त के बाद आयोजित की गयी। परंपरागत रूप से, पासिंग आउट परेड सुबह में आयोजित की जाती है। आईएनएस- चिल्का भारतीय नौसेना के अग्निवीरों के लिए प्रमुख बुनियादी प्रशिक्षण प्रतिष्ठान है और एक व्यापक प्रशिक्षण व्यवस्था द्वारा रंगरूटों को प्रारंभिक प्रशिक्षण प्रदान करता है।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद पीटी उषा और क्रिकेटर मिताली राज ऐतिहासिक कार्यक्रम में उपस्थित थे। प्रशिक्षण पूरा कर पास होने वालों में 272 महिला अग्निवीर हैं। इस अवसर पर अग्निवीरों को संबोधित करते हुए नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने कहा- "मैं आपको (अग्नीवीर) विश्वास दिलाता हूं कि आप जहां भी जाएंगे, जीवन में किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए आत्मविश्वास और प्रेरणा के साथ पूरी तरह तैयार रहेंगे।"

भारतीय नौसेना प्रमुख ने पासिंग आउट अग्निवीरों से "अपना कर्तव्य निभाने और इसे अच्छी तरह से करने" के लिए कहा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि अग्निवीर जीवन की सभी चुनौतियों का पूरे विश्वास के साथ सामना करेंगे। नौसेना प्रमुख ने कहा- "आप बड़े पैमाने पर देश की सेवा करने का अवसर पाने के लिए भाग्यशाली हैं। मुझे यह भी विश्वास है कि अगर किसी दुश्मन देश से कोई चुनौती आती है तो आप उन्हें करारा जवाब देने में सक्षम होंगे।"

एडमिरल कुमार ने नौसैनिकों से राष्ट्र निर्माण के लिए नौसेना के कर्तव्य, सम्मान और साहस के मूल मूल्यों को बनाए रखने का भी आग्रह किया।

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