Pooja Kataria
यह सीरीज मनोरंजन के लिए बनाई गई है-पूजा
समाचार एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में पूजा ने कहा, 'लोगों की तबीयत बिगड़ रही थी। लोग डरे हुए थे। यह सब देख एक आतंकी जिसका नाम बर्गर था, उसका रुख थोड़ा नरम था। उसने लोगों की मदद की। उसने लोगों से अंताक्षरी खेलने के लिए कहा। जबकि अन्य आतंकवादी जिसका नाम डॉक्टर था उसने इस्लाम धर्म अपनाने के लिए बहुत सारे स्पीच दिए। प्लेन में मौजूद अन्य दो आतंकियों को वे भोला और शंकर के नाम से बुला रहे थे। यह सीरीज मनोरंजन के लिए बनाई गई है। मुझे नहीं पता कि इसे देखकर लोग क्यों नाराज हो रहे हैं। प्लेन जब अमृतसर में लैंड किया था तब भारत सरकार कमांडो ऑपरेशन कर सकती थी, अगर ऐसा हुआ होता तो प्लेन भारतीय क्षेत्र से बाहर नहीं जा पाता।'
नेटफ्ल्क्सि ने जोड़े आतंकियों के असली नाम
इस बीच, आतंकियों के नाम पर विवाद बढ़ने पर नेटफ्लिक्स ने उन पाकिस्तानी अपहरणकर्ताओं के असली नाम जोड़े हैं जो 1999 के IC814 अपहरण के लिए जिम्मेदार इस्लामी आतंकवादी थे। वेब सीरीज में जोड़े गए नाम इब्राहिम अतहर, शाहिद अख्तर सईद, सनी अहमद काजी, मिस्त्री जहूर इब्राहिम और शाकिर हैं। इस वेब सीरीज में आतंकवादियों के मानवीय चित्रण और उनके हिंदू कूट नामों के संदर्भ पर दर्शकों के एक वर्ग द्वारा आपत्ति जताए जाने के बाद यह विवाद शुरू खड़ा हो गया था, जिसमें उनका (दर्शकों का) तर्क है कि अपहरणकर्ताओं की असली पहचान को तोड़-मरोड़ का दिखाना ऐतिहासिक घटनाओं को गलत तरीके से पेश करने के बराबर है।
नेटफ्लिक्स इंडिया की कंटेट प्रमुख हुईं तलब
विवाद बढ़ने पर सूचना और प्रसारण सचिव संजय जाजू ने नेटफ्लिक्स इंडिया की कंटेट प्रमुख मोनिका शेरगिल को तलब किया और वेब सीरीज में कुछ तत्वों के चित्रण पर सरकार की कड़ी असहमति जताई। ‘नेटफ्लिक्स इंडिया’की उपाध्यक्ष (कंटेंट) मोनिका शेरगिल ने कहा, ‘1999 में इंडियन एयरलाइंस की उड़ान 814 के अपहरण से अनजान दर्शकों के लाभ के लिए अपहरणकर्ताओं के वास्तविक और कोड नाम शामिल करते हुए शुरुआती डिस्कलेमर (अस्वीकरण) को अद्यतन किया गया है।’ उन्होंने एक बयान में कहा, ‘सीरीज में दिए गए नाम वास्तविक घटना के दौरान इस्तेमाल किए गए कूट नामों को दर्शाते हैं।’
अपहरण की सच्ची घटना को बयां करती है सीरीज
डाइरेक्टर अनुभव सिन्हा द्वारा निर्देशित इस वेब सीरीज में विजय वर्मा, पत्रलेखा, पंकज कपूर, नसीरुद्दीन शाह, अरविंद स्वामी, दीया मिर्जा जैसे कलाकारों ने काम किया है। यह वेब सीरीज दिसंबर 1999 में पाकिस्तान के आतंकी संगठन हरकत-उल मुजाहिदीन द्वारा विमान अपहरण की सच्ची घटना को बयां करती है। सीरीज में अपहरणकर्ताओं द्वारा इस्तेमाल किए गए ‘कल्पित नाम’ सार्वजनिक तौर पर कई मंचों पर मौजूद हैं, जिसमें छह जनवरी 2000 को जारी केंद्रीय गृह मंत्रालय का आधिकारिक बयान भी शामिल है। सरकार ने वेब सीरीज के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है, जिसमें एक वरिष्ठ प्रतिनिधि ने तर्क दिया है कि ‘किसी को भी इस देश के लोगों की भावनाओं के साथ खेलने का अधिकार नहीं है।’प्रतिनिधि ने कहा कि फिल्म निर्माताओं को किसी चीज को गलत तरीके से दिखाने से पहले सोचना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘आप उदार हो सकते हैं, लेकिन आप संस्थानों को गलत तरीके से चित्रित नहीं कर सकते।’
