IRCTC Scam Row: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले लालू परिवार को बड़ा झटका लगा है। IRCTC होटल घोटले में दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत कई आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किया है। कोर्ट के फैसले के बाद तेजस्वी यादव ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
उन्होंने कहा,"जब तक दंगाई एवं संविधान विरोधी बीजेपी सत्ता में है और मेरी उम्र है बीजेपी से लड़ते रहेंगे। तूफानों से लड़ने में मजा ही कुछ और है। हमने संघर्ष पथ चुना है। संघर्ष पथ पर चलते-चलते अच्छे मुसाफिर बन निश्चित ही मंजिल प्राप्त करेंगे।
उन्होंने अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि एक महीना पहले बिहार आकर गृहमंत्री अमित शाह जी हमें धमकी दे रहे थे कि हमको चुनाव लड़ने लायक नहीं छोड़ेंगे। हम लड़ेंगे और जीतेंगे। हम बिहारी है बिहारी, बाहरी से नहीं डरते।
क्या है यह मामला?
बता दें कि यह मामला 2004-09 का है। उस समय लालू यादव रेल मंत्री हुआ करते थे। मामला IRCTC के दो होटलों (पुरी और रांची के BNR होटल) के रखरखाव के ठेके देने में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। CBI की चार्जशीट के मुताबिक, सुजाता होटल्स को फर्जी टेंडर प्रक्रिया से फायदा पहुंचाया गया। इसके बदले में लालू परिवार को पटना में प्राइम लैंड मिला। तेजस्वी पर भी भ्रष्टाचार, आपराधिक विश्वासघात और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
किन धाराओं के तहत तय हुए आरोप?
लालू यादव पर IPC की धारा 120B, 420 और उसके अलावा प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट की धारा 13 1(D) और 13 और 13 (2) के तहत आरोप तय किए गए हैं।
इसके अलावा राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के खिलाफ आईपीसी की धारा 120(बी) और 420 के ततहत धोखाधड़ी और साजिश रचने के आरोप तय किए हैं। प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत आरोपियों को अधिकतम 10 साल की सजा और जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
जमीन के बदले नौकरी मामले पर क्या हुआ?
कोर्ट ने इस बात को स्वीकार किया कि लालू यादव ने साजिश रची थी। हालांकि, लालू परिवार ने आरोपों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। वहीं, दूसरी ओर आज राउज एवेन्यू कोर्ट में जमीन के बदले नोकरी मामले में भी सुनवाई होनी थी। फिलहाल यह मामला टल गया है। 10 नवंबर को आरोप तय हो सकते हैं।
