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तेजस्वी यादव ने पीएम मोदी के बिहार दौरे से पहले दागे ये 12 सवाल, पूछा क्या PM देंगे जवाब

Tejashwi Yadav: आज पीएम मोदी बिहार का दौरा करने वाले है इससे पहले राजद नेता तेजस्वी यादव ने पीएम मोदी से 12 सवाल पूछे है। तेजस्वी ने कहा कि बिहार दौरे के अवसर पर मेरे पास आपसे कुछ सवाल हैं, उम्मीद है कि आप आज अपने भाषण में इनका जवाब जरूर देंगे।

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तेजस्वी यादव ने पीएम मोदी पर साधा निशाना

Photo : ANI

PM Modi Bihar Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बिहार दौरे से कुछ ही घंटे पहले राजद नेता तेजस्वी यादव ने 12-सूत्री सवाल दागे और प्रधानमंत्री को अपने भाषण के दौरान इनका जवाब देने की चुनौती दी। शुक्रवार की सुबह-सुबह पोस्ट किए गए इस तीखे राजनीतिक हमले का उद्देश्य राज्य और केंद्र दोनों स्तरों पर भाजपा के नेतृत्व वाली सरकारों की विफलताओं को उजागर करना था। प्रधानमंत्री को सीधे संबोधित एक कड़े शब्दों वाले खुले पत्र में तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार के लोगों से बार-बार झूठे वादे किए हैं और गरीबी और बेरोजगारी से लेकर भ्रष्टाचार और कानून व्यवस्था तक के मुद्दों पर जवाबदेही की मांग की है।

तेजस्वी यादव ने पीएम मोदी पर साधा निशाना

यादव ने कहा कि मैंने सुना है कि आप आज फिर झूठ और जुमलों की बौछार करने बिहार आ रहे हैं। इस अवसर पर मेरे पास आपसे कुछ सवाल हैं, उम्मीद है कि आप आज अपने भाषण में इनका जवाब जरूर देंगे। अपने पहले सवाल में राजद नेता ने पूछा कि क्या प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले चुनावों के दौरान किए गए वादों की समीक्षा की है, जहां उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने झूठ से भरी 200 से अधिक रैलियों को संबोधित किया। उन्होंने लिखा कि हमारा आपसे विनम्र अनुरोध है कि बिहार आने से पहले आप अपने पिछले भाषणों और वादों की समीक्षा और विश्लेषण कर लें। मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि अपना भाषण सुनने के बाद आप शर्मिंदगी के कारण खुद से बात नहीं कर पाएंगे। क्या आप यह अनुरोध स्वीकार करेंगे?

अपने हमले को जारी रखते हुए यादव ने पूछा कि क्या पीएम मोदी 2014 के बाद से कई बार घोषित की गई योजनाओं की दिखावटी आधारशिला रखने, उद्घाटन करने और शुरुआत करने को फिर से दोहराएंगे। उन्होंने यह भी सवाल किया कि डबल इंजन सरकार के 20 साल के शासन के बावजूद बिहार गरीबी, बेरोजगारी, प्रति व्यक्ति आय, निवेश, साक्षरता और औद्योगिक विकास के मामले में सबसे निचले स्थान पर क्यों है। क्षेत्रीय विकास पर प्रकाश डालते हुए यादव ने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के योगदान की ओर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने पूछा कि क्या आप सारण प्रमंडल के लोगों को बताएंगे कि लालू प्रसाद ने इस प्रमंडल में जेपी विश्वविद्यालय और तीन बड़े रेलवे कारखाने स्थापित किए थे, साथ ही कई विकास कार्य भी किए थे? उन्होंने कहा कि मढ़ौरा से इंजन अब निर्यात किए जा रहे हैं।

आधिकारिक बयान के अनुसार, उन्होंने यह भी सवाल किया कि क्या प्रधानमंत्री मोदी बिहार के लोगों को बताएंगे कि जेपी के 12 साल के शासन के दौरान 100,000 से अधिक निर्दोष लोगों की हत्या की गई और 120,000 लड़कियों के साथ बलात्कार किया गया? यादव ने पूछा कि क्या प्रधानमंत्री को जेपी के राक्षस राजा की इस उपलब्धि को बताने में शर्म आएगी या आप इसे भूल जाएंगे? इसके बाद उन्होंने पूछा कि क्या मोदी बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की बेहोशी की हालत के बारे में उसी तरह बोलेंगे जैसे उन्होंने एक बार ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के बारे में कहा था, और क्या प्रधानमंत्री सहयोगियों द्वारा जेपी के दामाद के रूप में नामित लोगों को सम्मान देंगे।

तेजस्वी ने बिहार की कानून व्यवस्था पर साधा निशाना

कानून व्यवस्था पर निशाना साधते हुए राजद नेता ने सवाल किया कि क्या प्रधानमंत्री हाल ही में मुख्यमंत्री आवास और राजभवन के बाहर हुई गोलीबारी की घटनाओं पर टिप्पणी करेंगे। उन्होंने लिखा कि क्या आप निंदा करने का साहस जुटाएंगे... या फिर 20 साल की सरकार की विफलता को आसानी से नजरअंदाज कर विपक्ष को दोषी ठहराएंगे? उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से पूछा कि क्या वे मौजूदा सरकार के कार्यकाल में हुए कथित 2 लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा के 20 से ज़्यादा घोटालों को स्वीकार करेंगे। यादव ने याद दिलाया कि ध्यान दें कि इससे पहले आप अपने मुंह से नीतीश कुमार के 20 घोटाले गिन चुके हैं। नीति-केंद्रित प्रश्नों की एक श्रृंखला में यादव ने पूछा कि क्या मोदी अपने भाषण के दौरान गरीबी, बेरोजगारी, मुद्रास्फीति, रिश्वतखोरी, पलायन, पेपर लीक और अधिवास नीति जैसे मुद्दों पर बात करेंगे।

इसके बाद उन्होंने राज्य प्रशासन पर आशा कार्यकर्ताओं और आंगनवाड़ी कर्मचारियों सहित सरकारी कर्मचारियों को अपने खर्च पर पीएम की रैली में शामिल होने के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया। उन्होंने पूछा कि प्रशासन और आपकी रैली के आयोजक गरीब कर्मचारियों को आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान क्यों कर रहे हैं? एक आधिकारिक बयान में यादव ने पूछताछ समाप्त करते हुए कहा कि तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा संघर्ष विराम की घोषणा के बाद भारतीय सैनिकों को आतंकवादियों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करने से कथित तौर पर क्यों रोका गया था? आपके प्रिय मित्र ट्रंप ने आपसे पहले संघर्ष विराम की घोषणा क्यों की? हमारे मामलों में मध्यस्थता करने वाला यह ट्रंप कौन होता है? इस बीच, प्रधानमंत्री मोदी आज बिहार और ओडिशा तथा उसके बाद आंध्र प्रदेश की दो दिवसीय यात्रा पर जाएंगे। आज प्रधानमंत्री सीवान में कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे, जिससे बिहार में बुनियादी ढांचे और सामाजिक-आर्थिक विकास को बड़ी बढ़ावा मिलेगा।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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