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Tamil Nadu BSP Leader Murder: मारा गया बसपा नेता हत्याकांड का आरोपी, चेन्नई में पुलिस ने किया एनकाउंटर

Tamil Nadu BSP Leader Murder: पुलिस ने बताया कि तमिलनाडु बीएसपी अध्यक्ष के आर्मस्ट्रांग की हत्या आरोपी के थिरुवेंगदम को जांच के तहत उत्तरी चेन्नई के एक स्थान पर ले जाया गया था। इसी दौरान उसने एक पुलिसकर्मी पर हमला कर भागने की कोशिश की। इसके बाद उसे गोली मार दी गई।

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BSP Leader K Armstrong Murder accused encounter

Photo : iStock

Tamil Nadu BSP Leader Murder: तमिलनाडु बसपा अध्यक्ष की हत्या के एक प्रमुख आरोपी को पुलिस ने मार गिराया है। पुलिस ने बताया कि रविवार को हत्याकांड के आरोपी ने पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया और हिरासत से भागने की कोशिश की। इसी दौरान उसका एनकाउंटर कर दिया गया। बता दें, बीते दिनों तमिलनाडु बसपा अध्यक्ष के आर्मस्ट्रांग की हत्या कर दी गई थी।

पुलिस ने बताया कि के आर्मस्ट्रांग की हत्या आरोपी के थिरुवेंगदम को जांच के तहत उत्तरी चेन्नई के एक स्थान पर ले जाया गया था। इसी दौरान उसने एक पुलिसकर्मी पर हमला कर भागने की कोशिश की, जिसके बाद उसे रोकने का प्रयास किया गया। जब वह नहीं रुका तो एक पुलिस अधिकारी ने उसपर गोली चलाई, जिससे उसकी मौत हो गई।

हथियारों की तलाश कर रही थी पुलिस

पुलिस ने बताया कि आरोपी थिरूवेंगदम को बसपा नेता की हत्या में इस्तेमाल किये जाने के बाद छिपाकर रखे गये हथियारों की तलाश करने के लिए वहां ले जाया गया था। इसी दौरान यह घटना हुई। गोली लगने के बाद आरोपी को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। थिरुवेंगदम (30), बसपा नेता आर्मस्ट्रांग की हत्या के मामले में गिरफ्तार किये गए 11 आरोपियों में से एक था और वह एक कुख्यात अपराधी था। यहां की एक अदालत ने कुछ ही दिन पहले सभी आरोपियों को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया था।

पांच जुलाई को हुई थी बसपा नेता की हत्या

आर्मस्ट्रांग की चेन्नई में पांच जुलाई को एक गिरोह ने हत्या कर दी थी। इसके बाद विपक्षी दलों ने राज्य में कानून व्यवस्था बिगड़ने का आरोप लगाया था। पुलिस और सरकार ने अपराधियों को सजा दिलाने के लिए कड़े कदम उठाने का आश्वासन दिया था। पुलिस ने 11 जुलाई को पुदुकोट्टई जिले में एक कुख्यात अपराधी को भी मार गिराया था।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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