पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) एस.वाई. कुरैशी ने एक इंटरव्यू में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह से जुड़ा एक बेहद भावुक किस्सा साझा किया है। कुरैशी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश चुनाव के दौरान उपजे एक विवाद के बाद डॉ. मनमोहन सिंह इतने आहत हो गए थे कि उन्होंने बातचीत के दौरान यहां तक कह दिया था, "कुरैशी जी, अगर आप ऐसा सोचते हैं, तो मैं आत्महत्या कर लूंगा।"
क्या था पूरा मामला?
एस.वाई. कुरैशी ने बताया कि यह घटना उस समय की है जब उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव चल रहे थे। तत्कालीन केंद्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद ने एक चुनावी रैली में घोषणा कर दी थी कि अगर कांग्रेस सत्ता में आई, तो अल्पसंख्यकों का कोटा बढ़ा दिया जाएगा। इस बयान के खिलाफ भाजपा ने चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई। दोनों पक्षों के वकीलों की चार दिनों तक चली लंबी बहस के बाद चुनाव आयोग इस नतीजे पर पहुंचा कि सलमान खुर्शीद ने आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया है। इसके बाद आयोग ने उन पर कड़ी कार्रवाई की। इस कार्रवाई से नाराज होकर कुछ कांग्रेस मंत्रियों और नेताओं ने चुनाव आयोग और व्यक्तिगत रूप से एस.वाई. कुरैशी के खिलाफ मीडिया में बयानबाजी शुरू कर दी।
जब कुरैशी ने पीएम के मीडिया सलाहकार को चेताया
चुनाव आयोग के खिलाफ हो रही इस बयानबाजी से एस.वाई. कुरैशी काफी आहत थे। उन्होंने बताया, "मुझे निजी आलोचना से फर्क नहीं पड़ता, लेकिन चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की गरिमा को ठेस पहुंचाना स्वीकार्य नहीं था। जब पूर्व पीएम के मीडिया सलाहकार हरीश खरे मुझसे मिले, तो मैंने उनसे स्पष्ट कहा कि यह बयानबाजी बंद होनी चाहिए। अगर मैंने इस पर मीडिया के सामने मुंह खोल दिया, तो आपकी सरकार को छिपने की जगह नहीं मिलेगी।" कुरैशी ने हरीश खरे से कहा कि यह संदेश सीधे प्रधानमंत्री तक पहुंचना चाहिए ताकि वह अपने मंत्रियों पर कार्रवाई कर सकें।
आधी रात को आया था मनमोहन सिंह का कॉल
इस बातचीत के अगले ही दिन पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का एस.वाई. कुरैशी के पास एक घबराया हुआ फोन आया। पीएम ने उनसे तुरंत मिलने का आग्रह किया।
जब कुरैशी प्रधानमंत्री से मिलने पहुंचे, तो डॉ. मनमोहन सिंह बेहद भावुक और आहत थे। कुरैशी के अनुसार, पीएम ने उनसे कहा, "मिस्टर कुरैशी, हरीश ने मुझे कल रात की आपकी बातचीत के बारे में बताया। अगर आप (चुनाव आयोग) हमारे बारे में ऐसा सोचते हैं, तो मैं आत्महत्या कर लूंगा..."
मुझे शांत करने में 15-20 मिनट लगे: कुरैशी
प्रधानमंत्री के मुंह से यह बात सुनकर एस.वाई. कुरैशी स्तब्ध रह गए। उन्होंने कहा, "मैं इस तरह की प्रतिक्रिया के लिए बिल्कुल तैयार नहीं था। मैं तो सिर्फ उनके मंत्रियों की बयानबाजी की शिकायत उन तक पहुंचाना चाहता था। इसके बाद मुझे पीएम को शांत करने में 15 से 20 मिनट का समय लगा। मैंने उनसे कहा कि हम आपकी बेहद इज्जत करते हैं और आप चुनाव आयोग के बड़े शुभचिंतक हैं।"
एस.वाई. कुरैशी ने डॉ. मनमोहन सिंह की तारीफ करते हुए कहा कि यह घटना दर्शाती है कि वह कितने संवेदनशील इंसान थे और चुनाव आयोग के प्रति उनके मन में कितना सम्मान था। वह आयोग पर लगने वाले किसी भी तरह के लांछन को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे थे।
