ABP News-C Voter Survey on MP Election 2023 : मध्य प्रदेश में इस साल विधानसभा चुनाव होना है, इसकी तैयारी में सभी दल जुट गए हैं। एमपी में मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच होता आया है। इस बार भी असली चुनावी लड़ाई इन दोनों ही पार्टियों के बीच है। दोनों ही दल अपने-अपने जीत के दावे कर रहे हैं। चुनावों को लेकर राज्य की जनता क्या सोच रही है और वह इस बार किसे मौका देगी इसे लेकर एबीपी-सी वोटर ने एक सर्वे किया है। यह सर्वे 26 मई से 26 जून के बीच 17,113 लोगों पर किया गया। सर्वे में मार्जिन ऑफ एरर माइनस 3 से प्लस माइनस 5 फीसदी रखा गया है।
दोनों ही पार्टियों को मिल सकते हैं 44 फीसदी वोट
इस सर्वे में दिलचस्प बातें सामने आई हैं। सर्वे के मुताबिक दोनों ही पार्टियों को 44 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान जताया गया है। मायावती की बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को दो प्रतिशत एवं अन्य दलों एवं निर्दलीयों को करीब 10 फीसदी वोट मिल सकता है। साल 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 36.4 प्रतिशत वोट और 2013 के चुनाव में 41.4 फीसदी वोट मिले थे। सर्वे में इस बार में भाजपा के वोट शेयर में कमी आने का अनुमान जताया गया है। भगवा पार्टी का वोट शेयर 44.9 फीसदी से 41.3 प्रतिशत पर आ सकता है।
सर्वे में भाजपा पर कांग्रेस की मामूली बढ़त
सीटों की अगर बात करें तो फिलहाल कांग्रेस, भाजपा पर थोड़ी बढ़त लेती दिखी है। सर्वे के मुताबिक राज्य में यदि आज चुनाव होते हैं तो कांग्रेस को 108 से 120 सीटें और भाजपा को 106 से 118 सीटें मिल सकती हैं। बता दें कि मध्य प्रदेश में विधानसभा की 230 सीटें हैं और यहां सरकार बनाने का जादुई आंकड़ा 116 है। साल 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 114 सीटें मिली थीं। सर्वे की मानें तो कांग्रेस सत्ता के करीब पहुंच सकती है। आंकड़े 2018 की स्थिति की ओर इशारा कर रही है।
तो बसपा-निर्दलीय के हाथों होगी सत्ता की चाबी
जाहि है कि सर्वे इस बार एमपी कांटे की टक्कर की ओर इशारा कर रहा है। विधानसभा में त्रिशंकु स्थिति बनने पर बसपा एवं निर्दलीय विधायक अहम भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि बीजेपी प्रदेश में 200 सीट जीतने का दावा कर रही है। सरकार बनाने के लिए मध्यप्रदेश में अगर कम सीटों की जरूरत पड़ती है तो 2020 की तरह जोड़ तोड़ का खेल हो सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को भोपाल में रैली की और उन्होंने एक तरह से चुनावी बिगुल फूंक दिया। 'मेरा बूथ सबसे मजबूत' कार्यक्रम में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पीएम ने विपक्ष पर जमकर हमला बोला और एक तरह से चुनावी टोन सेट कर दिया।
