Sheena Bora Murder Case: चर्चित शीना बोरा हत्याकांड मामले में आरोपी इंद्राणी मुखर्जी (Indrani Mukerjea) की ओर से दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 10 अप्रैल को सुनवाई करेगा। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने निचली अदालत को 9 महीने में ट्रायल पूरा करने के लिए कहा था और साफ कर दिया था कि इसके बाद कोई एक्सटेंशन नहीं दिया जाएगा।
इस मामले में इंद्राणी मुखर्जी, उनके पूर्व पति पीटर मुखर्जी समेत कई आरोपी ट्रायल का सामना कर रहे हैं। 2015 में सामने आए इस सनसनीखेज हत्याकांड में इंद्राणी मुखर्जी पर अपनी बेटी शीना बोरा की हत्या का आरोप है। यह मामला देशभर में काफी चर्चा में रहा था और इसमें पारिवारिक रिश्तों, साजिश और हत्या जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।
क्या था मामला?
शीना बोरा हत्याकांड मुंबई में हुआ एक हाई-प्रोफाइल मर्डर केस है, जिसमें आरोप है कि इंद्राणी मुखर्जी ने अपनी ही बेटी शीना बोरा की हत्या कर दी थी और शव को रायगढ़ के जंगलों में जला दिया था। यह मामला 2015 में तब सामने आया, जब इंद्राणी के ड्राइवर ने इस जुर्म को कबूल किया।
सनद रहे कि सुप्रीम कोर्ट ने इंद्राणी मुखर्जी को साल 2022 में यह देखते हुए जमानत दी थी कि वह लंबे समय तक हिरासत में रह चुकी हैं। साथ ही ट्रायल के जल्द पूरा होने की संभावना जताई गई थी।
समयसीमा पहले हो चुकी है तय
पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि इस मामले का ट्रायल 9 महीने के भीतर पूरा किया जाए। कोर्ट ने यह भी साफ कर दिया था कि तय समयसीमा के बाद किसी भी प्रकार का एक्सटेंशन नहीं दिया जाएगा। कोर्ट ने 16 मार्च को आदेश पारित करते हुए कहा था कि मामले को देखते हुए ट्रायल पूरा करने के लिए 9 महीने का समय बढ़ाया जाता है, लेकिन इसके बाद समय बढ़ाने की कोई भी मांग स्वीकार नहीं की जाएगी।
