Operation Sindoor: पाकिस्तान में छिपे और वहां अपने ट्रेनिंग कैंप चला रहे आतंकवादियों के खिलाफ पिछले साल 7 मई को भारत में ऑपरेशन सिंदूर चलाया था। भारतीय सेनाओं ने एक ही रात में 9 आतंकी ठिकानों को बर्बाद कर दिया था और 100 से ज्यादा आतंकवादियों को मौत के घाट उतार दिया था। इस बीच पाकिस्तान की तरफ से जब उकसावे की कोशिश की गई तो भारत ने उसका भी करारा जवाब दिया। इस पूरे ऑपरेशन सिंदूर को दौरान देश को सेनाओं के एक्शन की जानकारी देने की जिम्मेदारी सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी (Colonal Sofia Qureshi) और वायु सेना की विंग कमांडर व्योमिका सिंह (Wing Commander Vyomika Singh) के पास थी। इसी दौरान मध्य प्रदेश के एक मंत्री ने कर्नल सोफिया कुरैशी का नाम लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने एक बार फिर दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि मंत्री को अब भी अपनी उस बात पर पछतावा नहीं है।
दरअसल Operation Sindoor के दौरान कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ मध्य प्रदेश के मंत्री कुंवर विजय शाह ने आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। मंत्री की उस टिप्पणी पर पक्ष और विपक्ष के साथ ही आम जनता की तरफ से भी रोष व्यक्त किया गया था। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर नाराजगी जतायी है।
देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत का कहना है कि विजय शाह का बयान बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण था। उन्होंने कहा, लेकिन विजय शाह को अपने उस बयान पर अब भी कोई पछतावा नहीं है।
इस मामले में सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने कहा कि मेरे हिसाब से, वह शायद महिला की तारीफ करना चाहते थे। उन्होंने कहा कि शायद यह एक संभावित नजरिया हो और इसके लिए उन्होंने तुरंत माफी मांग ली थी। हालांकि, तुषार मेहता ने यह भी कहा कि मैं उनका बचाव नहीं कर रहा हूं, लेकिन वह अपनी बात साफ नहीं कर पाए।
इस पर CJI सूर्यकांत ने कहा, अगर वह तारीफ करना चाहते थे, तो राजनीतिक हस्तियों को पता है कि कैसे बोलना है। अगर उनकी जुबान फिसली थी, तो उन्हें तुरंत माफी मांगनी चाहिए थी। ज्ञात हो कि कुंवर विजय शाह ने हंगामा होने के बाद माफी मांगी थी।
SG तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट में बताया कि SIT ने रिपोर्ट फाइल कर दी है। अब वह मंजूरी का इंतजार कर रही है। इसके साथ ही उन्होंने कहा, कुंवर विजय शाह ने जो कहा वह निश्चित रूप से दुर्भाग्यपूर्ण था। न्यायाधीश जे बागची ने कहा कि इस मामले में राज्यपाल से मंजूरी 2 हफ्ते के अंदर मिलनी थी, जो अभी तक नहीं मिली है।
CJI ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा कि आपको हमारे आदेश का पालन करना होगा। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मामले की सुनवाई अब चार हफ्ते बाद होगी।
