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सुप्रीम कोर्ट ने AIMIM का रजिस्ट्रेशन रद्द करने वाली याचिका पर सुनवाई से किया इनकार, कही ये बात

Asaduddin Owaisi: ओवैसी के नेतृत्व वाली ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलिमीन को भारत के चुनाव आयोग द्वारा राजनीतिक दल के रूप में पंजीकृत करने की मांग वाली याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। बता दें, सर्वोच्च न्यायालय ने दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया जिसने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत एआईएमआईएम को राजनीतिक दल के रूप में पंजीकृत करने के खिलाफ तिरुपति नरसिम्हा मुरारी द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया था।

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सुप्रीम कोर्ट ने एआईएमआईएम का पंजीकरण रद्द करने की याचिका पर विचार करने से किया इनकार

Photo : ANI

Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाली ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलिमीन को भारत के चुनाव आयोग द्वारा राजनीतिक दल के रूप में पंजीकृत करने की मांग वाली याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने हालांकि याचिकाकर्ता को याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी और राजनीतिक दलों के मामलों में सुधार की मांग करते हुए बड़े मुद्दों को उठाते हुए नई याचिका दायर करने की स्वतंत्रता प्रदान की।

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले में हस्तक्षेप करने से किया इनकार

सर्वोच्च न्यायालय ने दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया जिसने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत एआईएमआईएम को राजनीतिक दल के रूप में पंजीकृत करने के खिलाफ तिरुपति नरसिम्हा मुरारी द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया था। पीठ ने अपने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता के वकील ने वर्तमान याचिका को वापस लेने की अनुमति मांगी है साथ ही उन्हें एक नई रिट याचिका दायर करने की स्वतंत्रता दी है, जिसमें वह विभिन्न आधारों पर राजनीतिक दलों के संबंध में सुधार के लिए बड़े मुद्दे उठाना चाहते हैं। अनुमति प्रदान की जाती है।

याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने तर्क दिया कि एक राजनीतिक दल के रूप में एआईएमआईएम का संविधान केवल एक धार्मिक समुदाय, अर्थात मुसलमानों के हितों को आगे बढ़ाने का इरादा रखता है। इसलिए उन्होंने तर्क दिया कि यह धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों के विरुद्ध है, जिसका संविधान और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत प्रत्येक राजनीतिक दल को पालन करना चाहिए। मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति कांत ने कहा कि संविधान में अल्पसंख्यकों को विशेष रूप से संरक्षण प्रदान किया गया है, तथा अल्पसंख्यकों के हितों के लिए काम करने की घोषणा आपत्तिजनक नहीं हो सकती।

ओवैसी ने चुनाव आयोग पर साधा निशाना

2024 में दिल्ली उच्च न्यायालय ने यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी थी कि एआईएमआईएम कानूनी आवश्यकता को पूरा करती है कि एक राजनीतिक दल के संवैधानिक दस्तावेजों में यह घोषित किया जाना चाहिए कि वह संविधान के प्रति सच्ची आस्था और निष्ठा रखता है। इससे पहले 15 जुलाई को पार्टी अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने भारतीय नागरिकों की नागरिकता निर्धारित करने के लिए भारतीय चुनाव आयोग के अधिकार पर सवाल उठाया था और बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के चुनाव आयोग के फैसले को लेकर उन पर पिछले दरवाजे से एनआरसी करने का आरोप लगाया था।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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