CEC-EC को मिली ‘लाइफटाइम इम्युनिटी’ पर SC सख्त, केंद्र सरकार को भेजा नोटिस
- Edited by: Piyush Kumar
- Updated Jan 12, 2026, 12:01 PM IST
सुप्रीम कोर्ट ने CEC और चुनाव आयुक्तों को आजीवन कानूनी छूट देने वाले प्रावधान को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र और चुनाव आयोग से जवाब मांगा है। याचिकाकर्ता का कहना है कि इतनी छूट जजों को भी नहीं दी गई, इसलिए यह संविधान के खिलाफ है। अब अदालत तय करेगी कि यह प्रावधान संवैधानिक है या नहीं।
चुनाव आयुक्तों की कानूनी छूट पर घमासान, सुप्रीम कोर्ट ने मांगा जवाब।(फोटो सोर्स: istock)
सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति, सेवा शर्तें और कार्यकाल से जुड़े विधेयक, 2023 के एक प्रावधान को चुनौती देने वाली जनहित याचिका (PIL) पर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग से जवाब मांगा है, क्योंकि एक कानून में ऐसा प्रावधान है जो मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और चुनाव आयुक्तों को उनके काम के दौरान किए गए किसी भी फैसले या कार्रवाई के लिए पूरी जिंदगी कानूनी कार्रवाई से बचाने की बात करता है।
याचिकाकर्ता की क्या है शिकायत?
याचिकाकर्ता का कहना है कि इतनी बड़ी छूट संविधान बनाने वालों ने जजों को भी नहीं दी, तो संसद चुनाव आयुक्तों को कैसे दे सकती है। इसी वजह से इस कानून को चुनौती दी गई है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वह इस मुद्दे को गंभीरता से देखना चाहता है और इसलिए केंद्र और चुनाव आयोग को नोटिस भेजा गया है। अब अदालत तय करेगी कि यह प्रावधान संविधान के मुताबिक है या नहीं।
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