देश

CEC-EC को मिली ‘लाइफटाइम इम्युनिटी’ पर SC सख्त, केंद्र सरकार को भेजा नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने CEC और चुनाव आयुक्तों को आजीवन कानूनी छूट देने वाले प्रावधान को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र और चुनाव आयोग से जवाब मांगा है। याचिकाकर्ता का कहना है कि इतनी छूट जजों को भी नहीं दी गई, इसलिए यह संविधान के खिलाफ है। अब अदालत तय करेगी कि यह प्रावधान संवैधानिक है या नहीं।

Image

चुनाव आयुक्तों की कानूनी छूट पर घमासान, सुप्रीम कोर्ट ने मांगा जवाब।(फोटो सोर्स: istock)

Photo : iStock

सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति, सेवा शर्तें और कार्यकाल से जुड़े विधेयक, 2023 के एक प्रावधान को चुनौती देने वाली जनहित याचिका (PIL) पर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग से जवाब मांगा है, क्योंकि एक कानून में ऐसा प्रावधान है जो मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और चुनाव आयुक्तों को उनके काम के दौरान किए गए किसी भी फैसले या कार्रवाई के लिए पूरी जिंदगी कानूनी कार्रवाई से बचाने की बात करता है।

याचिकाकर्ता की क्या है शिकायत?

याचिकाकर्ता का कहना है कि इतनी बड़ी छूट संविधान बनाने वालों ने जजों को भी नहीं दी, तो संसद चुनाव आयुक्तों को कैसे दे सकती है। इसी वजह से इस कानून को चुनौती दी गई है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वह इस मुद्दे को गंभीरता से देखना चाहता है और इसलिए केंद्र और चुनाव आयोग को नोटिस भेजा गया है। अब अदालत तय करेगी कि यह प्रावधान संविधान के मुताबिक है या नहीं।

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article