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WFI के खिलाफ पहलवानों का विरोध पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी, शुक्रवार को सुनवाई

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Apr 25, 2023, 11:16 AM IST

बृजभूषण सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग करने वाले सात पहलवानों ने सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका की।

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WFI के खिलाफ पहलवानों का विरोध पहुंचा सुप्रीम कोर्ट

Photo : ANI

Wrestlers Moves Supreme Court: भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के अध्यक्ष बृजभूषण सिंह और अन्य स्टाफ के खिलाफ देश के नामी-गिरामी पहलवानों के विरोध-प्रदर्शन का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। बृजभूषण सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग करने वाले सात पहलवानों ने सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका की जिसका अदालत के समक्ष उल्लेख किया गया और सुनवाई की तारीख निर्धारित की गई।

पहलवानों की याचिका में कई गंभीर आरोप

बृजभूषण सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग करने वाले सात पहलवानों की इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है। मामले पर शुक्रवार को सुनवाई होगी। सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले पहलवानों की याचिका में कई गंभीर आरोप हैं।

फिर धरने पर बैठे पहलवान

बता दें कि देश के नामी-गिरामी पहलवान दिल्ली में एक बार फिर धरने पर बैठे हैं। ये पहलवान रेस्लिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया प्रमुख और अन्य स्टाफ पर महिला पहलवानों के यौन शोषण का आरोप लगाते हुए विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी साल की शुरुआत में पहलवानों ने इसके खिलाफ बड़ा प्रदर्शन किया था, लेकिन सरकार के आश्वासन पर अपना विरोध वापस ले लिया था।

शीर्ष भारतीय पहलवानों ने इस साल की शुरुआत में भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के प्रमुख और अन्य प्रशिक्षकों के खिलाफ महिला पहलवानों के यौन शोषण का आरोप लगाते हुए विरोध किया था। पुलिस को दी गई अपनी नई शिकायत के साथ ये सभी पहलवान दिल्ली के जंतर मंतर पर वापस आ गए हैं। सात महिला पहलवानों ने महासंघ के प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ कनॉट प्लेस पुलिस थाने में यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई है।

जांच कमेटी की समयसीमा बढ़ाई गई

विनेश ने कहा, हम तीन महीने से उनसे (खेल मंत्री अनुराग ठाकुर और अन्य प्राधिकरण) संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं। समिति के सदस्य हमें जवाब नहीं दे रहे हैं, खेल मंत्रालय ने भी कुछ नहीं कहा है, वे हमारा फोन भी नहीं उठाते हैं। हमने देश के लिए पदक जीते हैं और इसके लिए अपना करियर दांव पर लगा दिया है। बता दें कि एक महीने में निष्कर्ष बाद में जांच कमेटी दो सप्ताह की समय सीमा बढ़ा दी गई और विरोध करने वाले पहलवानों के आग्रह पर बबिता फोगट को अपने छठे सदस्य के रूप में जांच पैनल में शामिल कर लिया गया था।

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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