सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन को लेकर बड़ा फैसला सुनाया। तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए अदालत ने चुनाव आयोग (ECI) को नोटिस जारी किया।
तमिलनाडु में एसआईआर को डीएमके पार्टी द्वारा चुनौती दी गई है , जबकि पश्चिम बंगाल में इस अभ्यास पर कांग्रेस पार्टी की राज्य इकाई ने हमला बोला है । इस मामले पर न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है।
बिहार में हुई SIR की प्रक्रिया पर चुनाव आयोग ने क्या कहा?
बिहार में हुए SIR के कार्रवाई पर चिंता जताते हुए याचिकाकर्ताओं ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया पर्याप्त सुरक्षा उपायों के बिना मतदाताओं के नाम मनमाने ढंग से हटाने की अनुमति देती है, जिससे लाखों नागरिकों को मताधिकार से वंचित किया जा सकता है और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनावों को नुकसान पहुंच सकता है।
इस पर चुनाव आयोग ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उसे इस तरह की कार्रवाई करने का अधिकार है और आगामी बिहार विधानसभा चुनावों से पहले यह सुनिश्चित करने के लिए संशोधन महत्वपूर्ण है कि केवल पात्र नागरिकों को ही मतदाता सूची में शामिल किया जाए।
बता दें कि बिहार में एसआईआर 30 सितंबर को पूरी हो गई। बिहार में 24 जून को 7.89 करोड़ मतदाताओं की तुलना में, 7.42 करोड़ मतदाताओं को मतदाता सूची में बरकरार रखा गया।
याचिकाकर्ताओं का क्या है आरोप?
याचिकाकर्ताओं ने कहा कि SIR प्रक्रिया संविधान के प्रावधानों का उल्लंघन है। उनका दावा है कि चुनाव आयोग ने यह संशोधन बिना कानूनी आधार और पारदर्शिता के शुरू किया।
हाई कोर्ट की सुनवाई पर रोक
सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और बिहार से जुड़ी सभी याचिकाओं की सुनवाई पर फिलहाल रोक लगा दी है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 26 नवंबर को होगी।
SIR का दूसरा चरण देशभर में शुरू
बता दें कि चुनाव आयोग ने देश के 9 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में स्पेशल इंटेंशिव रिवीजन यानी (SIR) का दूसरा चरण शुरू कर दिया है। वहीं, एसआईआर के दूसरे चरण का मामला भी सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को DMK, CPI(M), कांग्रेस की पश्चिम बंगाल यूनिट और तृणमूल कांग्रेस के नेताओं की याचिकाओं पर चुनाव आयोग (EC) से अलग-अलग जवाब मांगा। सुप्रीम कोर्ट में इन राजनीतिक दलों की ओर से दायर याचिका में तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में SIR प्रक्रिया को चुनौती दी गई है।
बता दें कि 7 अक्टूबर को चुनाव आयोग ने नवंबर 2025 और फरवरी 2026 के बीच 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR अभ्यास के दूसरे चरण के आयोजन की घोषणा की है।
इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शुरू हुई SIR की प्रक्रिया
- अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
- लक्षद्वीप
- छत्तीसगढ़
- गोवा
- गुजरात
- केरल
- मध्य प्रदेश
- पुडुचेरी
- राजस्थान
- तमिलनाडु
- उत्तर प्रदेश
- पश्चिम बंगाल
गौरतलब है कि तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और पश्चिम बंगाल में 2026 में चुनाव होने हैं।
