Delhi Pollution: सर्दियां शुरू हो रही हैं और दिल्ली का प्रदूषण भी। अभी नवंबर आने में एक सप्ताह बाकी है, लेकिन दिल्ली-एनसीआर में सुबह-सुबह लोगों को सांस लेने में तकलीफ होने लगी है। दिल्ली का एक्यूआई हर दिन 300 पार कर रहा है। बढ़ते वायु प्रदूषण ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया डीवाई चंद्रचूड़ को भी डरा दिया है। हर दिन मॉर्निंग वॉक पर निकलने वाली चीफ जस्टिस ने अब सुबह-सुबह घर से बाहर निकलना बंद कर दिया है।
सीजेआई चंद्रचूड़ ने सुप्रीम कोर्ट में पत्रकारों के साथ अनौपचारिक बातचीत में कहा, 'मैंने आज से सुबह की सैर करना बंद कर दिया है। मैं आमतौर पर सुबह 4 से 4:15 के बीच सैर पर निकलता हूं। हालांकि, उनके डॉक्टर ने उन्हें सुबह बाहर न जाने की सलाह दी है। इसलिए मैंने घर के अंदर रहना शुरू कर दिया है, जिससे सांस की बीमारियों से बचा जा सके।
लोगों को सुबह-सुबह हो रही दिक्कत
दिल्ली में ठंड की शुरुआत से प्रदूषण बढ़ना शुरू हो गया है। सुबह के समय धुंध दिखाई दे रही है। इससे लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में दिक्कत होने लगी है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार शुक्रवार को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 283 दर्ज किया गया जो बेहद खराब श्रेणी में है। स्मॉग की वजह से दिल्ली में ढूंढ कोहरेसा महसूस किया जा रहा है जहां प्रदूषित हवा ने दिल्ली वासियों के हालत खराब कर दी है उन्हें सांस संबंधित कई तरह के समस्याओं का भी सामना करना पड़ रहा है।
दिल्ली में कहां-कितना AQI
आनंदविहार - 390
बवाना - 314
द्वारका - 289
आईटीओ - 271
जहांगीरपुरी - 321
मंदिर मार्ग - 295
रोहिणी - 311
बर्खास्त बस मार्शल रोकेंगे दिल्ली का वायु प्रदूषण
दिल्ली में बस मार्शल के पद से अक्टूबर 2023 में बर्खास्त किए गए नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों को उपराज्यपाल वी के सक्सेना के आदेश के बाद चार महीने के लिए प्रदूषण कम करने से संबंधित ड्यूटी पर तैनात किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि उनकी तैनाती की अवधि एक नवंबर से शुरू होगी। राज निवास के एक अधिकारी ने बताया कि उपराज्यपाल ने दिल्ली सरकार और मुख्यमंत्री को सलाह दी है कि वे चार महीने की रोजगार अवधि के बाद उनके भविष्य के नियोजन के लिए उचित प्रक्रिया के आधार पर एक ठोस योजना लेकर आएं। उपराज्यपाल दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने कहा कि नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों के नियमित रोजगार के लिए दिल्ली सरकार द्वारा तैयार की जाने वाली इस योजना में उनकी तैनाती, बजटीय प्रावधान, वित्तीय मंजूरी, पद सृजन और आरक्षण मानदंडों का विवरण शामिल होगा।
