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'मैं हर धर्म का सम्मान करता हूं', भगवान विष्णु की मूर्ति पर की गई टिप्पणी पर मचा बवाल तो CJI गवई ने दी सफाई

खजुराहो में भगवान विष्णु की मूर्ति की पुनर्स्थापना से जुड़ी याचिका पर सुनवाई के दौरान CJI बी आर गवई की टिप्पणी को लेकर विवाद खड़ा हो गया। उन्होंने कहा था कि "भगवान से कहें कि वे खुद कुछ करें।" बयान पर हंगामा मचने के बाद CJI ने सफाई दी कि वे हर धर्म का सम्मान करते हैं।सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी उनका समर्थन करते हुए कहा कि CJI हर धर्म के स्थलों पर जाते हैं। वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने सोशल मीडिया को "बेलगाम घोड़ा" बताया और CJI ने भी माना कि नेपाल में हाल की घटनाओं में सोशल मीडिया की बड़ी भूमिका रही।

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भगवान विष्णु पर की गई टिप्पणी पर CJI गवई ने सफाई दी।(फोटो सोर्स: PTI)

Photo : PTI

खजुराहो में भगवान विष्णु की मूर्ति को लेकर सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस बी आर गवई की टिप्पणियों पर घमासान मच गया है। इसी बीच सीजेआई ने अपने बयानों पर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि मैं हर धर्म की इज्जत करता हूं।

मुख्य न्यायाधीश हर धर्म से जुड़े स्थान पर जाते हैं: तुषार मेहता

वहीं, केंद्र सरकार के वकील SG तुषार मेहता ने भी CJI समर्थन में कहा कि वो उन्हें 10 साल से जानता हूं, लेकिन यह गंभीर मामला है। वैसे तो न्यूटन का नियम कहता है कि हर एक क्रिया की प्रतिक्रिया होती है। लेकिन अब क्रिया की सोशल मीडिया पर अनुचित प्रतिक्रिया नजर आती है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने यह भी कहा मुख्य न्यायाधीश हर धर्म से जुड़े स्थान पर जाते हैं।

इस दौरान वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि सोशल मीडिया एक बेलगाम घोड़ा हो चुका है जिसका खामियाजा हम हर रोज भुगतते हैं। इस पर मुख्य न्यायाधीश ने कहा की नेपाल में जो कुछ हुआ उसके पीछे सोशल मीडिया एक वजह है।

मंगलवार को चीफ जस्टिस के साथ बेंच साझा कर रहे जस्टिस विनोद चंद्रन ने भी इस दौरान अपनी बात कही। उन्होंने अपना उदाहरण देते हुए कहा कि एक गलत सोशल मीडिया पोस्ट की वजह से एक मामले की सुनवाई के दौरान पीछे हटना पड़ा था। उन्होंने तो यह तक कह दिया कि सोशल मीडिया दरअसल एंटी सोशल है।

खजुराहो में विष्णु की मूर्ति को दोबारा स्थापित करने की मांग करने वाले याचिकाकर्ता के वकील सीनियर एडवोकेट संजय नूली ने कहा कि मुख्य न्यायाधीश की टिप्पणी को सोशल मीडिया पर गलत तरीके से पेश किया गया। सोशल मीडिया पर हो रही आलोचना पर चिंता भी जताई।

क्या है मामला?

ता दें कि खुजुराहो में भगवान विष्‍णु की प्रतिमा से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) बीआर गवई की अध्‍यक्षता वाली पीठ ने ऐसी टिप्‍पणी की थी। खजुराहो में भगवान विष्‍णु की प्रतिमा की दोबारा स्‍थापना को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। इस याचिका पर सुनवाई करने से सीजेआई ने इनकार कर दिया।

सुनवाई के दौरान सीजेआइ बीआर गवई ने याचिकाकर्ता से कहा कि वे भगवान से कहें कि वे खुद इस मामले में कुछ करें। सीजेआई के इस बयान पर बवाल मच गया।

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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