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क्या अरविंद केजरीवाल की जगह लेंगी पत्नी सुनीता केजरीवाल? AAP ने बनाया खास प्लान

Delhi Politics: आम आदमी पार्टी ने ये ऐलान किया है कि दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल हरियाणा के लिए 'केजरीवाल की गारंटी' जारी करेंगी। सवाल ये उठ रहे हैं कि क्या दिल्ली की सियासत में कोई नया उलटफेर होने वाला है? केजरीवाल की पत्नी धीरे-धीरे राजनीति में एक्टिव हो रही हैं।

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सुनीता केजरीवाल और अरविंद केजरीवाल।

AAP Plan for Haryana: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता हरियाणा के लिए 'केजरीवाल की गारंटी' की शुरुआत करेंगी, जहां इस साल के अंत में चुनाव होने हैं। आप की राज्य इकाई के अध्यक्ष सुशील गुप्ता ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। गुप्ता ने यहां संवाददाताओं को बताया कि सुनीता केजरीवाल शनिवार को पंचकूला में एक बैठक के दौरान 'केजरीवाल की गारंटी' की शुरुआत करेंगी। उन्होंने कहा, 'हम भाजपा और कांग्रेस की तरह वादे नहीं करते, गारंटी देते हैं। ये अरविंद केजरीवाल की गारंटी होगी, न कि (नरेन्द्र) मोदी की खोखली गारंटी।'

हरियाणा की सभी 90 सीटों पर चुनाव लड़ेगी AAP

जब उनसे पूछा गया कि क्या इन गारंटियों में यह भी शामिल होगा कि हरियाणा को एसवाईएल (सतलुज यमुना संपर्क नहर) का पानी मिलेगा, तो गुप्ता ने चुटकी लेते हुए कहा, 'हरियाणा को पानी मिलना चाहिए। हर राज्य को पानी मिलना चाहिए। पानी का वितरण केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री का काम है।' आम आदमी पार्टी (आप) ने बृहस्पतिवार को कहा था कि वह हरियाणा की सभी 90 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी। पार्टी ने दावा किया कि लोग बदलाव चाहते हैं और बड़ी उम्मीद से उसकी ओर देख रहे हैं। गुप्ता ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी विधानसभा क्षेत्रवार 45 बैठकें आयोजित करेगी।

राज्य सरकार पर आम आदमी पार्टी ने उठाया सवाल

सत्तारूढ़ भाजपा पर हमला करते हुए उन्होंने इसे किसान विरोधी करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने उनके आंदोलन को कुचलने के लिए लाठी, आंसू गैस आदि सभी हथकंडे अपनाए। गुप्ता ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब हो गई है। उन्होंने कहा, 'हरियाणा में जंगल राज कायम है। हत्या, फिरौती आम बात हो गई है। सरकार अपराधियों पर लगाम नहीं लगा पा रही है, लेकिन किसानों को उनकी मांगों के समर्थन में दिल्ली जाने से रोकने के लिए पूरी ताकत लगा रही है।'

आम आदमी पार्टी में शामिल हुए संजय दत्त के चचेरे भाई

इस बीच, आप नेता गुप्ता ने कहा कि बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त के चचेरे भाई और दिवंगत सुनील दत्त के भतीजे युवराज दत्त शुक्रवार को यहां आप में शामिल हो गए। उन्होंने कहा कि युवराज आप के सुशासन मॉडल से प्रभावित हैं, जिसमें सभी के लिए अच्छी शिक्षा, स्वास्थ्य और नौकरियां शामिल हैं। गुप्ता ने कहा, 'वह पहले मुंबई में रहते थे और (उन्होंने) कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों में काम भी किया, लेकिन अब वह हरियाणा के यमुनानगर जिले में अपने पैतृक गांव मंडोली में स्थानांतरित हो गए हैं। वह अपने लोगों की सेवा करना चाहते हैं। उन्होंने जैविक तरीके से मछली पालने का केंद्र भी शुरू किया है।'

युवराज ने संवाददाताओं से कहा कि वह भ्रष्टाचार के खिलाफ आप के अभियान से प्रभावित हैं। उन्होंने कहा, 'इससे मैं बहुत प्रभावित हुआ और पार्टी की ओर आकर्षित हुआ।' एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि उन्हें आगामी हरियाणा चुनाव लड़ने से परहेज नहीं हैं।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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