Sunetra Pawar Oath Ceremony: महाराष्ट्र में एनसीपी (SP) के अध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने दावा किया है कि उनकी पार्टी के प्रमुख शरद पवार और अन्य नेताओं को एनसीपी नेता सुनेत्रा पवार के राज्य के उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की पूर्व सूचना नहीं थी। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में हाल ही में हुए नगर निगम चुनावों के बाद दोनों पार्टियों के एकीकरण का फैसला लिया गया था। दिवंगत अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार (62), शनिवार को महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।
दावा- शरद पवार को शपथ ग्रहण की पूर्व सूचना नहीं थी
शिंदे ने शनिवार को पत्रकारों से कहा कि शरद पवार को उनके शपथ ग्रहण की पूर्व सूचना नहीं थी। उन्होंने कहा, दोनों एनसीपी के एकीकरण को लेकर चर्चा और बैठकें हुई थीं। लेकिन अजित दादा अब नहीं रहे। कुछ व्यापक बिंदुओं पर पहले चर्चा हुई थी। अब हम इस बात पर चर्चा करेंगे कि क्या करने की आवश्यकता है और फिर निर्णय लेंगे। अन्य लोग क्या प्रतिक्रिया देते हैं, यह उनका निर्णय है।
सुनेत्रा पवार के शपथ ग्रहण समारोह को जल्दबाजी में आयोजित करने को लेकर उठे सवालों पर शिंदे ने कहा कि इसका जवाब उनके परिवार, पार्टी के वरिष्ठ नेताओं या मुख्यमंत्री और उनके सहयोगियों को देना चाहिए। उन्होंने कहा, अजीत पवार का निधन महाराष्ट्र के लिए एक बड़ी क्षति है। जब राज्य शोक में डूबा है, तब यह निर्णय क्यों लिया गया, यह हमें समझ नहीं आ रहा है। उन्हें इसका स्पष्टीकरण देना होगा।
तीन महीनों में आठ से दस बैठकें हुई थीं
शिंदे के अनुसार, 17 जनवरी को शरद पवार के साथ अजित पवार की मुलाकात से पहले के तीन महीनों में आठ से दस बैठकें हुई थीं। उन्होंने कहा, नगर निगम चुनावों के बाद, दोनों पार्टियों को एकजुट करने की दिशा में काम करने का निर्णय लिया गया था। यह बात शरद पवार को भी बता दी गई थी। 17 जनवरी को अजित पवार और शरद पवार के बीच हुई बैठक का वायरल हुआ वीडियो का जिक्र करते हुए शिंदे ने कहा कि यह बैठक पवार सीनियर के आवास पर हुई थी, न कि (NCP-SP) नेता जयंत पाटिल के घर पर।
शिंदे ने कहा, अजित दादा ने कहा कि उन्होंने इस मामले पर प्रदेश अध्यक्ष और अन्य लोगों से चर्चा की थी और उन्होंने यह निर्णय लिया था। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र भर में नगर निगम चुनावों में पार्टी (NCP) के चिन्ह पर उम्मीदवार उतारे गए थे और इस बात पर चर्चा हुई थी कि परिणाम घोषित होने के बाद एकीकरण पर निर्णय लिया जाएगा। जब शिंदे से पूछा गया कि क्या अजीत पवार एनसीपी के दोनों गुटों का विलय चाहते थे, लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के विरोध का सामना कर रहे थे, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।
एनसीपी गुटों के विलय की घोषणा की तारीख तय हुई थी
उन्होंने कहा, सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद, हम दोनों पक्षों के नेताओं को एक साथ लाने और बातचीत करने का प्रयास करेंगे। उनके निर्णयों के आधार पर, हम आगे की कार्रवाई तय करेंगे। शनिवार को शरद पवार ने यह भी दावा किया कि उन्हें सुनेत्रा पवार के शपथ ग्रहण के बारे में कोई जानकारी नहीं थी, और कहा कि उनके दिवंगत भतीजे अजीत पवार ने एनसीपी गुटों के विलय की घोषणा के लिए 12 फरवरी की तारीख तय की थी।
एनसीपी (एसपी) प्रमुख ने कहा, सभी चर्चाएं उनके स्तर पर हुईं, लेकिन अब ऐसा लगता है कि दुर्घटना के बाद प्रक्रिया में बाधा आ सकती है। बारामती में अजीत पवार और पवार परिवार के करीबी सहयोगी और विश्वासपात्र किरण गुर्जर ने वायरल वीडियो का जिक्र करते हुए पुष्टि की कि यह 17 जनवरी की उस बैठक का वीडियो है जिसमें विलय की बातचीत को अंतिम रूप दिया जा रहा था। वीडियो में वरिष्ठ पवार को केंद्र में बैठे हुए दिखाया गया है, जबकि अजित पवार, राकांपा (सपा) नेता जयंत पाटिल, राजेश टोपे, शशिकांत शिंदे, हर्षवर्द्धन पाटिल, रोहित पवार और लोकसभा सांसद अमोल कोल्हे चर्चा कर रहे हैं।
