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NCERT के पैनल में सुधा मूर्ति और सिंगर शंकर महादेवन जैसे दिग्गज, सिलेबस तैयार करने में करेंगे मदद

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Aug 13, 2023, 07:00 AM IST

NCERT: राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) की ओर से गठित की गई 19 सदस्यीय राष्ट्रीय पाठ्यक्रम एवं शिक्षण सामग्री समिति (NSTC) की अध्यक्षता राष्ट्रीय शैक्षिक योजना और प्रशासन संस्थान (NIEPA) के चांसलर एमसी पंत करेंगे। इस समिति में इंफोसिस फाउंडेशन की अध्यक्ष सुधा मूर्ति, मशहूर गायक शंकर महादेवन को शामिल किया गया है।

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सुधा मूर्ति-शंकर महादेवन

Photo : BCCL

NCERT: राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत कक्षा 3 से 12वीं तक का पाठ्यक्रम तैयार करने व उसमें जरूरी परिवर्तन करने के लिए एनसीईआरटी (NCERT) ने एक समिति का गठन किया है। इस समिति में इंफोसिस फाउंडेशन की अध्यक्ष सुधा मूर्ति, मशहूर गायक शंकर महादेवन और अर्थशास्त्री व प्रधानमंत्री मोदी के आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य संजीव सान्याल को शामिल किया किया गया है।

राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) की ओर से गठित की गई 19 सदस्यीय राष्ट्रीय पाठ्यक्रम एवं शिक्षण सामग्री समिति (NSTC) की अध्यक्षता राष्ट्रीय शैक्षिक योजना और प्रशासन संस्थान (NIEPA) के चांसलर एमसी पंत करेंगे। जारी किए गए नोटिफिकेशन के अनुसार, इस समिति के पास कक्षा 3 से 12वीं तक के लिए स्कूल पाठ्यक्रम विकसित करने, कक्षा 2 से 3 तक जरूरी पारिवर्तन करने व मौजूदा पाठ्यक्रमों को संशोधित करने का अधिकार होगा।

यह काम करेगी समिति

जारी किए गए नोटिफिकेशन में यह भी कहा गया है कि यह समिति राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के कार्यान्वयन के एक भाग के रूप में के कस्तूरीरंगन के नेतृत्व वाली संचालन समिति द्वारा विकसित स्कूली शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF-SE) के साथ पाठ्यक्रम को संरेखित करने के लिए काम करेगी। बता दें, इसे पहले ही केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के पास जमा किया जा चुका है। अब इसे सिर्फ सार्वजनिक डोमेन में जारी किया जाना बाकी है। रूपरेखा का मसौदा अप्रैल में जारी किया गया था।

कक्षा 3 से 12 तक के पाठ्यक्रम को करेगी विसकित

अधिसूचना के मुताबिक, NSTC को कक्षा 3 से 12 तक के लिए स्कूल पाठ्यक्रम और शिक्षण व सीखने की सामग्री विकसित करने का अधिकार दिया जाएगा। यह एनसीएफ में सुचारु परिवर्तन सुनिश्चित करने के लिए कक्षा 1 व 2 की मौजूदा पाठ्यपुस्तकों को संशोधित करने पर भी काम करेगा। एनएसटीसी द्वारा विकसित और अंतिम रूप दी गई पाठ्यपुस्तकें और अन्य शिक्षण सामग्री एनसीईआरटी द्वारा प्रकाशित और वितरित की जाएंगी।

समिति में ये लोग भी शामिल

बता दें, इस समिति की सह-अध्यक्षता प्रिंसटन विश्वविद्यालय में गणित के प्रोफेसर मंजुल भार्गव करेंगे। इसके अन्य सदस्यों में गणितज्ञ सुजाता रामदोराई, बैडमिंटन खिलाड़ी यू विमल कुमार, सेंटर फॉर पॉलिसी स्टडीज के अध्यक्ष एमडी श्रीनिवास और भारतीय भाषा समिति के अध्यक्ष चामू कृष्ण शास्त्री शामिल हैं। मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि विभिन्न डोमेन के विशेषज्ञों को समिति के सदस्यों के रूप में चुना गया है।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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