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तिरुपति मंदिर में मची भगदड़ के बाद अब कैसे हैं हालात? पीएम मोदी, राहुल गांधी समेत इन लोगों ने मौत पर जताया शोक

Tirupati Mandir: आंध्र प्रदेश के तिरुपति मंदिर में अचानक भगदड़ मच गई। वैकुंठ द्वार दर्शनम का टिकट पाने की कोशिश कर रहे छह श्रद्धालुओं की भगदड़ में मौत हो गई। जिसके बाद तिरुपति भगदड़ में श्रद्धालुओं की मौत पर राहुल गांधी और पीएम मोदी समेत कई दिग्गजों ने शोक जताया है। आपको बताते हैं किसने क्या कहा।

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तिरुपति मंदिर में भगदड़।

Stampede in Tirupati Temple: तिरुमला स्थित भगवान वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में बुधवार रात भगदड़ मचने से कम से कम छह श्रद्धालुओं की मौत हो गई और दर्जनों अन्य घायल हो गए। यह भगदड़ उस समय मची, जब वैकुंठ द्वार दर्शनम के लिए सैकड़ों लोग टिकट पाने की कोशिश कर रहे थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को आंध्र प्रदेश के तिरुपति में विष्णु निवासम के पास हुई भगदड़ में मारे गए लोगों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया। पीएम मोदी ने कहा कि राज्य सरकार घटना के पीड़ितों को हर संभव सहायता प्रदान कर रही है। एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक सोशल मीडिया पोस्ट में, प्रधानमंत्री कार्यालय ने लिखा, "आंध्र प्रदेश के तिरुपति में भगदड़ से दुखी हूं। मेरी संवेदनाएं उन लोगों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है। मैं प्रार्थना करता हूं कि घायल लोग जल्द ठीक हो जाएं। आंध्र प्रदेश सरकार प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान कर रही है।"

राहुल गांधी ने हर संभव सहायता प्रदान करने का किया आग्रह

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को कहा कि आंध्र प्रदेश के तिरुपति मंदिर में भगदड़ की घटना बेहद दुखद है और उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से इस कठिन समय में हर संभव सहायता प्रदान करने का आग्रह किया। गांधी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “तिरुपति में हुई भगदड़ बेहद दुखद है। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना। सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।” उन्होंने कहा, “मैं कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं से इस कठिन समय में हर संभव सहायता प्रदान करने का आग्रह करता हूं।”

शाह ने जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी इस घटना पर दुख व्यक्त किया और तिरुपति भगदड़ में जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। शाह ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी प्रार्थना की। अमित शाह ने एक्स पर पोस्ट किया, "तिरुपति मंदिर में भगदड़ की दुर्भाग्यपूर्ण घटना से दुखी हूं। मृतकों के परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना। घायलों के जल्द से जल्द ठीक होने की कामना करता हूं। तिरुपति विष्णु निवासम टिकट काउंटर पर भगदड़ की घटना से मैं बहुत स्तब्ध हूं। मैं इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में जान गंवाने वाले भक्तों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।"

अरविंद केजरीवाल ने तिरुपति मंदिर हादसे पर जताया शोक

इस बीच, आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने भी इस घटना पर दुख व्यक्त किया और दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की। केजरीवाल ने एक्स पर पोस्ट किया, "तिरूपति मंदिर में हुआ ये हादसा बेहद दुःखद है। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें। भगवान से प्रार्थना है कि जो श्रद्धालु घायल हुए हैं वो जल्द स्वस्थ होकर अपने घर लौटें।"

टिकट पाने की कोशिश कर रहे श्रद्धालुओं की भगदड़ में मौत

तिरुमला स्थित भगवान वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में बुधवार रात भगदड़ मचने से कम से कम छह श्रद्धालुओं की मौत हो गई और दर्जनों अन्य घायल हो गए। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। यह भगदड़ उस समय मची, जब वैकुंठ द्वार दर्शनम के लिए सैकड़ों लोग टिकट पाने की कोशिश कर रहे थे। तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के अध्यक्ष बी आर नायडू ने बताया कि एक शव की पहचान कर ली गई है। बी आर नायडू ने एक स्थानीय समाचार चैनल से कहा, ‘‘एक डीएसपी (पुलिस उपाधीक्षक) ने गेट खोले...और तुरंत ही सभी लोग आगे बढ़ने लगे, जिससे भगदड़ मच गई और खबरें आ रही हैं कि छह लोगों की मौत हो गई है।’’

देश भर से सैकड़ों श्रद्धालु 10 जनवरी से शुरू होने वाले 10 दिवसीय वैकुंठ द्वार दर्शनम के लिए यहां आए हैं। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘तिरुपति में वैकुंठ द्वार दर्शनम के लिए प्रयास करते समय विष्णु निवासम के पास भगदड़ में कुछ श्रद्धालुओं की मौत होने की घटना से मैं बहुत दुखी हूं।’’ टीटीडी अध्यक्ष ने बताया कि चंद्रबाबू नायडू ने टेलीकॉन्फ्रेंस की और मंदिर कर्मचारियों को लेकर असंतोष व्यक्त किया तथा कहा कि ऐसी घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस बात का संदेह है कि यह (मंदिर) प्रशासन की चूक के कारण हुआ है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री बृहस्पतिवार को घायलों को सांत्वना देने के लिए तिरुपति आ रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री ने हमें निर्देश दिया है कि इस तरह की घटनाएं दोबारा नहीं होनी चाहिए।’’

बी आर नायडू ने कहा, ‘‘इसे सबक के तौर पर लेते हुए, भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकना हम सभी का दायित्व है।’’ उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बृहस्पतिवार को अनुग्रह राशि की घोषणा करेंगे। टीटीडी बोर्ड के सदस्य भानु प्रकाश ने भगदड़ को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इस घटना के लिए भगवान वेंकटेश्वर स्वामी के भक्तों से क्षमा मांगी। उन्होंने कहा कि कुछ चूक हुई हैं और कड़ी कार्रवाई की जाएगी, लेकिन खोई हुई जिंदगियां वापस नहीं लाई जा सकतीं। इस बीच, पुलिस द्वारा कुछ महिला श्रद्धालुओं को सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) देने और घायल व्यक्तियों को एंबुलेंस में ले जाने के वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित हो रहे हैं।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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