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नई दिल्ली स्टेशन पर भगदड़ में अब तक 18 की मौत, सीसीटीवी फुटेज के आधार पर होगी जांच; अमित शाह ने रेल मंत्री से की बात

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार रात भगदड़ जैसी स्थिति बनने से प्लेटफॉर्म संख्या 14 और 15 पर अफरा-तफरी मच गई, जिसमें अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग घायल हो गये हैं। इसी बीच गृह मंत्री अमित शाह ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से फोन पर बात की है। इस मामले की जांच सीसीटीवी फुटेज के आधार पर होगी।

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नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई भगदड़ से जुड़ा अपडेट।

Photo : PTI

Stampede At New Delhi Railway Station: दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुए हादसे की उच्च स्तरीय जांच की जाएगी। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की जांच होगी भगदड़ जैसी स्थिति अचानक कैसे पैदा हो गई। चश्मदीदों के बयान और रेलवे स्टेशन पर तैनात सुरक्षा कर्मियों का भी बयान दर्ज किया जाएगा।

भगदड़ में 14 महिलाओं समेत 18 लोगों की मौत

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर कल रात करीब 10 बजे हुई भगदड़ में 14 महिलाओं समेत 18 लोगों की मौत हो गई। दिल्ली पुलिस ने इसकी जानकारी साझा की है।

अमित शाह ने अश्विनी वैष्णव से की बात

वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से बात की है। उन्होंने इसकी जानकारी साझा करते हुए एक्स पर लिखा कि 'नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुए हादसे के संबंध में रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव जी व अन्य संबंधित अधिकारियों से बात की। दिल्ली के उपराज्यपाल और दिल्ली पुलिस कमिश्नर से बात कर सभी को हर संभव सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए। इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारजनों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। घायलों को हर संभव उपचार दिया जा रहा है। उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।'

शनिवार रात नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ जैसी स्थिति बनने से प्लेटफॉर्म संख्या 14 और 15 पर अफरा-तफरी मच गई, जिसमें अब तक 18 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गये हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने कहा कि इस घटना में कई लोगों की जान चली गई। राजनाथ सिंह ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, 'नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से भयावह खबर। रेलवे प्लेटफॉर्म पर भगदड़ के कारण हुई जानमाल की हानि से मैं बेहद दुखी हूं। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।' सक्सेना ने कहा कि स्टेशन पर ‘अव्यवस्था और भगदड़’ के कारण लोगों की मौत और घायल होने की घटना दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद है।

मैंने इस स्टेशन पर पहली बार इतनी भीड़ देखी- प्रत्यक्षदर्शी

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि स्टेशन पर भारी भीड़ के कारण कई यात्री दम घुटने के कारण बेहोश हो गए। एक यात्री धर्मेंद्र सिंह ने बताया, 'मैं प्रयागराज जा रहा था लेकिन कई ट्रेनें देरी से चल रही थीं या रद्द कर दी गई थीं। स्टेशन पर बहुत भीड़ थी। मैंने इस स्टेशन पर पहली बार इतनी भीड़ देखी। मेरे सामने ही छह-सात महिलाओं को स्ट्रेचर पर ले जाया गया।'

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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